सहारनपुर। नगर निगम बीते 14 माह से कचरे से बिजली बनाने के प्लांट की तैयारी कर रहा है, लेकिन अभी तक प्लांट की डीपीआर तक नहीं बनी है। इसका प्रमुख वजह डीपीआर बनाने वाली कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन कंपनी ने भूमि को अपर्याप्त बताया है। अब नगर निगम के अधिकारी और जमीन खरीदने की तैयारी में लगे हैं।
कचरे से बिजली बनाने को लेकर निगम में बैठकें सितंबर 2019 से चल रही हैं। बिजली प्लांट और डंपिंग ग्राउंड के लिए नगर निगम ने बेहट रोड स्थित महेश्वरी खुर्द में भूमि खरीदी, इसका बैनामा बीते वर्ष 2019 के अंत में हुआ। भूमि की बाउंड्री वॉल भी हो चुकी है, लेकिन बिजली बनाने के प्लांट का कार्य अभी लटका हुआ है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि डीपीआर बनाने वाली कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन कंपनी ने प्लांट के लिए भूमि को अपर्याप्त बताया है। ऐसे में नगर निगम प्लांट के पास ही और भूमि क्रय करने पर विचार कर रहा है। भूमि क्रय होने के बाद ही प्लांट की डीपीआर बनेेगी। इसके बाद ही प्लांट का सपना साकार होने की उम्मीद की जा सकती है।
विदेशी कंपनी ने जताई थी इच्छा
सितंबर 2019 में साउथ कोरिया की कंपनी यू एंड आई इंटरनेशनल सेंपेंग का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने कचरे से बिजली बनाने को प्लांट बनाने को महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के साथ चर्चा की थी। इसके बाद निगम ने प्लांट के लिए कदम उठाना शुरू किया था।
बेहट रोड पर खरीदी भूमि की बाउंड्री वॉल तैयार हो चुकी है। कचरे से बिजली बनाने के प्लांट का कार्य लॉक डाउन के कारण लेट हुआ है, मगर उस पर भी निगम तेजी से कार्य कर रहा है। कुछ और भूमि क्रय की जानी है, इसके बाद ही परियोजना पूर्ण होगी। - डॉ. एके त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम सहारनपुर।
निस्तारण में भी नियमों की अनदेखी
सहारनपुर। नगर निगम गांव खुर्द में खेतों को पाटने पर ध्यान दे रहा है। यानी कचरे का निस्तारण नियमानुसार नहीं किया जा रहा है। नियमानुसार कचरे को जमीन में डंप करने के लिए लेयरिंग बनाई जाती हैं। पहले एक से डेढ़ फुट की लेयर कचरा, उसके ऊपर मिट्टी, फिर कचरा और फिर मिट्टी। इस तरह से लेयर बनाकर कचरा डंप करने से वह जल्दी नष्ट होता है। साथ ही भूमि के लिए भी फायदेमंद होता है। मगर ग्रामीणों ने बताया कि नगर निगम गहरे खेतों में कचरा डालकर ऊपर से मिट्टी से भराव कर रहा है।