सहारनपुर। जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने हेल्पलाइन पर सवालों के जवाब देते हुए कहा कि पूरे वर्ष में रमजान माह विशेष होता है। इस बार यह महीना बेहद संकट की परिस्थितियों में गुजर रहा है। कोरोना वायरस ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में लिया है, जो चिंताजनक है, लेकिन कुछ लोग इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हें, जो निंदनीय है। सबकी सुरक्षा के लिए हमें सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन करना चाहिए।
सवाल : हसनपुर निवासी जमील अहमद ने पूछा कि क्या कोरोना पीड़ित के लिए रोजे की हालत में प्लाज्मा दान किया जा सकता है। इससे रोजा तो नहीं टूटेगा।
जवाब : कोई रोजेदार यदि ऐसा करता है, तो उसका रोजा नहीं टूटेगा।
सवाल : मोहल्ला शाहमदार निवासी दिलशाद कुरैशी ने पूछा कि क्या लॉकडाउन में वह परिवार के साथ जमात के साथ तरावीह अदा कर सकते हैं।
जवाब - जी हां, बिल्कुल। घर में जमात के साथ सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए तरावीह अदा करें।
सवाल : उत्तराखंड के विकासनगर निवासी गुलफाम ने पूछा कि रोजे की हालत में अचानक उनके मुंह में मच्छर चला गया और पेट में उतर गया। अब उनका रोजा रहा या नहीं।
जवाब : शरीयत के अनुसार अगर अचानक रोजेदार के मुंह मच्छर या मक्खी घुस जाए और पेट में चला जाए तो रोजा नहीं टूटेगा।
इन नंबरों कर सकते हैं शंका दूर
सहारनपुर। रोजेदार अपनी शंकाएं फोन नंबर 09897399207, 9557757705, 9368399214 पर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कॉल और व्हाटस एप सवाल पूछ सकते हैं।