- कम होता है दिल का दौरा, कैंसर, पैरालिसिस, ब्लड प्रेशर और मोटापे का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। रक्तदान करने से न तो शरीर में कमजोरी आती है और न ही बीमारी का खतरा होता है। बल्कि रक्तदान करने से मनुष्य दिल का दौरा, लकवा, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से बच सकता है। चिकित्सक भी कहते हैं कि रक्तदान करने के बाद 24 घंटे से तीन दिन के भीतर नया खून बन जाता है। फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि 18 से 60 वर्ष की आयु और 45 किलोग्राम से अधिक वजन के लोग ही रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान करने से खून का गाढ़ापन कम होता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। रक्तदान के बाद शरीर में नया खून बनने पर शरीर में चुस्ती आती है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए।
--रक्तदान, बचाए चार लोगो की जान
रक्तदान में एक व्यक्ति से 350 मिली लीटर खून लिया जाता है। एक व्यक्ति के द्वारा किए गए 350 मिलीलीटर रक्त से चार मरीजों की जान बचाई जा सकती है। क्योंकि एक यूनिट रक्त में प्लेटलेट्स, प्लाज्मा, आरबीसी और डब्ल्यूबीसी होता है। जो अलग-अलग मरीजों को जरूरत के हिसाब से उक्त को अलग कर दिया जाता है।
रक्तदाता के लिए सलाह
- रक्तदान से पहले अच्छी नींद लें।
- रक्तदान से एक दिन पहले शराब ना पिएं।
- रक्तदान से दो दिन पहले हरी पत्तेदार सब्जियां और अनार आदि खाएं।
- रक्तदान के दिन रक्तदान से पहले धूम्रपान ना करें।