- राजकीय मेडिकल कॉलेज ने आईसीयू में ड्यूटी के लिए रोस्टर तैयार किया
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कोविड अस्पतालों में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आने से बचने के लिए कई बार लापरवाही कर जाते हैं। बीते वर्ष राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही ऐसा मामला सामने आया था। जिसमें एक चिकित्सक रात के समय कोविड ड्यूटी छोड़कर घर पर मिली थी, मगर अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
प्रमुख सचिव के आदेश पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा आईसीयू में ड्यूटी के लिए रोस्टर तैयार किया गया है, जिसमें दिन और समय के हिसाब से डॉक्टरों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। आईसीयू में 24 घंटे की ड्यूटी के लिए दस से 12 डॉक्टरों की तीन टीमें बनाई गई हैं, जो पांच-पांच दिन तक अलग-अलग समय पर अलग-अलग वार्ड में ड्यूटी करेंगे। फिलहाल 26 अप्रैल से नौ मई तक के लिए ड्यूटी निर्धारित की गई है। इसी तरह जूनियर रेजीडेंट की भी तीन टीम बनाई गई हैं। इनके अलावा आपातकालीन विभाग, फीवर ओपीडी और सस्पेक्टेड वार्ड के लिए डॉक्टरों को नामित किया गया है। चूंकि कोरोना की वजह से सामान्य ओपीडी बंद है। इसी वजह से मरीजों को राहत देने के लिए शासन ने इमरजेंसी सेवा जारी रखने के लिए ऐसा किया है। उधर, एसेंशियल कोविड सर्विस के लिए नौ डॉक्टरों को प्रभारी बनाया गया है। प्राचार्य ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसी भी दशा में मरीजों के उपचार एवं प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों के लिए निर्देश
- एचडीयू और आईसीयू वार्ड-9 में भर्ती मरीजों को क्लीनिकल एसेसमेंट के आधार पर आईसीयू वार्ड-5 एवं पीडिया वार्ड में भर्ती कर उनका उपचार करेंगे।
- कोविड ड्यूटी प्रोटोकॉल का पूर्णत: और अनिवार्य रूप से पालन करेंगे।
- कोविड ड्यूटी समाप्त होने के बाद दो दिन के बाद सभी अपने मूल विभाग में कार्य करेंगे।
- प्रतिदिन अपने वार्ड का तीन से चार बार निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा आकस्मिक निरीक्षण भी करेंगे।
- प्रत्येक सदस्य को नियमानुसार क्वारंटीन का पालन करना होगा।
- कोविड सर्विसेज का दायित्व संबंधित प्रभारी और टीम के संबंधित विषय विशेषज्ञ का होगा।
- नोडल अधिकारी द्वारा संबंधित रोगियों की प्रतिदिन की सूचना समिति को समय से तथा रोगी की मृत्यु की दशा में एक घंटे के भीतर प्राचार्य को लिखित रूप में देनी होगी।
- बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण एवं शव निस्तारण की प्रक्रिया निर्धारित समिति के द्वारा की जाएगी।
- किसी भी चिकित्सक या रेजीडेंट का एक्टिव ड्यूटी के दौरान मोबाइल नंबर किसी भी दशा में बंद नहीं रहेगा।
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प्रतिदिन देनी होगी बेड की जानकारी
सहारनपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीएस सोढ़ी ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों, सीएचसी प्रभारियों, नर्सिंग होम एसोसिएशन सहारनपुर और देवबंद के अध्यक्ष और सचिवों को पत्र लिखा है। इसमें डॉ. सोढ़ी ने संबंधित चिकित्साधिकारियों और प्रभारियों से अपने क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों की प्रतिदिन की रिपोर्ट दोपहर दो से शाम चार बजे तक उनके कार्यालय को ई-मेल के द्वारा भेजने को कहा है। जानकारी में अस्पताल का नाम, ब्लॉक, कितने बेड हैं, कितने बेड पर ऑक्सीजन उपलब्ध हैं तथा खाली बेड की उपलब्धता आदि देना होगा।