सहारनपुर। लखनऊ से आई दो सदस्य टीम के सामने एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टर और मरीज के बीच हाथापाई हो गई। मरीज ने डॉक्टर पर नहीं देखने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जबकि इमरजेंसी डॉक्टरों ने विरोध में कुछ देर के लिए हड़ताल कर दी। इस दौरान कोई मरीज नहीं दिखा गया। गहमा-गहमी का माहौल बना रहा।
सोमवार को लखनऊ से पहुंचे डॉ. लक्ष्मण कुमार व आरआई कंसलटेंट सरोज कुमार एसबीडी जिला अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे। टीम अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा ले रही थी। इसी दौरान एक युवक अपनी मां को सीने में दर्द की शिकायत पर इमरजेंसी में भर्ती कराने पहुंचा। उस समय ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर एक कैंसर मरीज का इलाज कर रही थीं। तीमारदारों का आरोप है कि मरीज को तुरंत नहीं देखा गया, जिस पर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और हाथापाई की नौबत आ गई। हाथापाई के दौरान महिला चिकित्सक के हाथ में चोट लग गई।
घटना के बाद युवक अपनी मां को लेकर अस्पताल से ले जाने लगा। आरोप लगाया कि यहां मरीजों का सही इलाज नहीं होता, बल्कि उनके साथ मारपीट की जाती है। अस्पताल स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुके। घटना के कुछ देर बाद इमरजेंसी डॉक्टर हड़ताल कर प्रमुख अधीक्षक कक्ष में पहुंच गए। स्वास्थ्य अधिकारियों व डॉक्टरों के बीच काफी देर तक वार्ता चली। इस दौरान इमरजेंसी में कोई मरीज नहीं देखे गए। बाद में डॉक्टरों के पहुंचने पर मरीजों को देखा गया।
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राज्य स्तरीय टीम ने दो अस्पताल, तीन केंद्रों का किया निरीक्षण
लखनऊ से आई टीम ने सोमवार को एसबीडी जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, नागल सीएचसी और नागल के दो आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को परखा। जिला अस्पताल में बच्चा वार्ड, डायलिसिस यूनिट, ट्रामा सेंटर सहित साफ-सफाई व्यवस्था को चेक किया। यह टीम मंगलवार व बुधवार को भी जिले में रहेगी।
इमरजेंसी में एक महिला दिखाने आई थी, जो हार्ट की दिक्कत बता रही थी। ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक ने देखने की बात कही, इस पर मरीज ने हाथापाई शुरू कर दी। प्राथमिकता यह है कि अस्पताल में आने वाला मरीज बिना इलाज वापस न जाए।
-डॉ. रवि प्रकाश, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल