सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समीक्षा बैठक करते डिप्टी सीएम बृजेश पाठक। संवाद
- फोटो : जिला अस्पताल में लगे वाटर कूलर से निकलते गर्म पानी से प्यास बुझाने को मजबूर तीमारदार।
सरसावा(सहारनपुर)। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जिले के स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी मांगी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि सीएमओ साहब कभी कार्यालय से बाहर निकलकर धरातल पर काम करो। याद रखने में परेशानी नहीं होगी।
बुधवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का काफिला अंबाला रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा। यहां उन्होंने सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए कि खुले में फैले बिजली के तारों को भूमिगत कराएं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से चल रही स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक जाना होगा। बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा आधी-अधूरी जानकारी देने पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई। सख्ती से जानकारी दुरुस्त रखने की हिदायत दी। आधे घंटे चली समीक्षा बैठक के बाद डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने सीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य विभाग के खाली पदों को भरने के लिए जिलाधिकारी को निर्देशित करेंगे कि वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से नियुक्तियां करें। इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, विधायक मुकेश चौधरी, देवेंद्र निम, राजीव गुंबर, सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी आदि रहे।
सपा ने कभी डॉक्टर आंबेडकर का सम्मान नहीं किया
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक पोस्टर पर डिप्टी सीएम ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उसके सुप्रीमो का रवैया हमेशा से अनुसूचित एवं वंचित वर्ग के विरोध में रहा है। इतिहास गवाह है कि सपा ने कभी भी डॉ. आंबेडकर व वंचित वर्ग का सम्मान नहीं किया। उनका इस तरह का पोस्टर दर्शाता है कि उनकी डॉ. आंबेडकर व संविधान में कोई आस्था नहीं है। केवल वोटों के लालच में अनुसूचित वर्ग बरगलाने का काम करते हैं। पहलगाम की घटना को दुखद बताया।