सहारनपुर। जिन चौराहों पर श्रमिक घंटों खड़े रहकर काम मिलने का इंतजार करते हैं। उन चौराहों को श्रमिक चौक के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए शासन ने सभी नगर निगमों को आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल श्रमिकों के लिए कोई सुविधा नहीं है।
महानगर में दशकों से हर तरह के श्रमिक पुल खुमरान, हसनपुर चौक और घंटाघर पर पहुंचते रहे हैं। वह प्रात: आठ बजे से पहुंचना शुरू होते हैं। बुधवार को इन चौराहों की पड़ताल की गई, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक और कारीगर काम की तलाश में सड़क किनारे खड़े या जमीन पर बैठे नजर आए। उनका कहना था कि आज तक उनके लिए कोई सुविधा इन स्थानों पर नहीं मिली है। बरसात हो या फिर तेज धूप, खुले आसमान के नीचे घंटों खड़ा रहना पड़ता है। यदि सरकार श्रमिक चौक विकसित कर सुविधाएं दे रही है तो यह अच्छा कदम है।
श्रमिक चौक पर यह मिलेगी सुविधा
चौक पर श्रमिकों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिसके ऊपर टिनशेड होगी, जिससे धूप और बारिश से बचाव हो सके। पीने के लिए साफ पानी, शौचालय, पंखा और पंजीकरण की सुविधा भी रहेगी, क्योंकि श्रमिकों का पंजीकरण अनिवार्य है। बड़ी संख्या में ऐसे श्रमिक हैं, जिन्हें इसका पता नहीं है। इसी कारण से वह सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं।
श्रमिकों की बात
-अशोक कुमार का कहना है कि लंबे समय से श्रमिक काम के लिए चौराहों पर पहुंचते हैं। घंटों खड़े रहकर काम मिलने का इंतजार करते हैं। श्रमिक चौराहे विकसित करना अच्छी पहल है।
-धर्मवीर का कहना है कि पुल खुमरान और हसनपुर चौक पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग काम की तलाश में पहुंचते हैं। श्रमिक चौक पर सुविधा मिलेगी तो सभी को फायदा होगा।
-संजीत का कहना है कि काम की तलाश में श्रमिक धूप, बारिश और सर्दी में सड़कों पर खुले में खड़े होकर घंटों काम का इंतजार करते हैं। आज तक किसी सरकार ने उनके लिए नहीं सोचा।
-मुनेश का कहना है कि श्रमिक समाज की रीढ़ होता है, जिसके बिना कोई भी कार्य संभव नहीं है। अब उनके लिए चौराहों पर सुविधाएं देने की बात कही जा रही है, जो अच्छा कदम है।