प्रतिदिन सड़क हादसों में जा रही लोगों की जान से भी कुछ लोग सबक नहीं ले रहे हैं। आलम यह है कि शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से लचर हो गई है।
लोग पुलिस के सामने से ही दुपहिया वाहनों पर चार से पांच की संख्या तक सवार होकर निकल रहे हैं। ऐसे लोगों को न तो अपनी और अपने लाडलों की जिंदगी की परवाह है और न ही कानून का डर। यातायात पुलिस भी कई बार मूकदर्शक बनी नजर आती है।
कहने को सहारनपुर स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल है। मंडल मुख्यालय भी है, मगर यहां यातायात के नाम पर यहां कोई व्यवस्था नहीं है।
अनिवार्य रूप से लागू होने के बावजूद यहां 95 फीसदी बाइक सवार हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करते हैं। नियमानुसार दुपहिया वाहन पर दो से अधिक लोगों को सवारी नहीं करनी चाहिए, मगर यहां का आलम अलग ही है।
यहां तीन तो तीन, चार और पांच लोग तक दुपहिया वाहनों पर सवारी करते हैं, जिनमें ज्यादातर परिवार शामिल होते हैं। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ यातायात पुलिस के सामने हो रहा है, जो ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की जहमत उठाना नहीं चाहती है।
यही वजह है कि लोग यातायात में मनमाना रवैया अपनाए हुए हैं। पुलिस प्रशासन भी केवल पुलिस लाइन में ही हेलमेट को लागू कराए हुए है। यदि प्रशासन पुलिस लाइन की तरह पूरे नगर में सख्ती अपनाए तो व्यवस्था बनने में 24 घंटे भी नहीं लगेंगे।
उधर, एसपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह ने बताया कि यातायात पुलिस समय-समय पर सख्ती करती है, मगर जनता का उतना सहयोग नहीं मिल पाता, जितना मिलना चाहिए। जल्द ही अभियान के तौर पर हेलमेट को लागू कराया जाएगा। साथ ही दुपहिया वाहनों पर दो से अधिक लोग मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।