फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीएम ने तीन प्रधानों को पद से हटाया

Wed, 23 Nov 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
ग्राम प्रधान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सहारनपुर में गलत तरीके से अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित सीट पर चुनाव लड़कर ग्राम प्रधान बने जुलाहा जाति के तीन लोगों को प्रधान पद से हटा दिया गया है।
विज्ञापन


कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन ने तीनों से स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर डीएम ने तीनों को पद से हटा दिया है। वर्ष 2015 में हुए ग्राम प्रधान और जिला पंचायत चुनाव में जुलाहा जाति के चार लोगों ने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ा था।

इनमें बल सिंह, विनोद कुमार और मोनिका रानी प्रधान चुने गए थे। जबकि चौथा व्यक्ति जिला पंचायत सीट पर विजयी रहा था। संविधान बचाओ समिति ने प्रमाण पत्रों पर आपत्ति जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। 
विज्ञापन


समिति सदस्यों ने बताया कि शिकायत के बाद प्रशासन ने एक अधिकारी से इसकी जांच भी कराई थी, मगर उसके बावजूद चारों के नामांकन को निरस्त नहीं किया गया।

तब से मामला विचाराधीन चल रहा था। 24 जून 2016 को कमिश्नर की अध्यक्षता में गठित जाति प्रमाण-पत्र फोरम ने पांच नवंबर 2016 को तीन प्रधानों के प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया था। 

जिला प्रशासन ने तीनों प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा था। स्पष्टीकरण में तीनों ने अपने तर्क रखे, जो नाकाफी थे। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने की वजह से डीएम शफक्कत कमाल ने तीनों ग्राम प्रधानों को पदच्युत यानी पदों से हटा दिया है।

इसके बाद से तीनों प्रधानों में खलबली मची है। साथ ही तीनों ग्राम पंचायतों में मामला चर्चाओं का विषय बना हुआ है।  जिन तीन ग्राम प्रधानों को गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पद से हटाया गया है।

उनमें सरसावा विकास खंड की ग्राम पंचायत बोंसा से प्रधान चुने गए विनोद कुमार, रामपुर मनिहारान विकास खंड की ग्राम पंचायत पिलखनी से ग्राम प्रधान चुने गए बल सिंह और नकुड़ विकास खंड की ग्राम पंचायत शाहपुर मजबता से प्रधान चुनी गई मोनिका रानी हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें