रामपुर मनिहारान। जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने रविवार को रामपुर मनिहारान सीएचसी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें केंद्र और इमरजेंसी ड्यूटी पर कोई चिकित्सक नहीं मिला। अन्य व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्य प्रणाली में सुधार के लिए चेतावनी दी।
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह के दुपहर करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। यहां उन्हें वरिष्ठ फार्मासिस्ट वासुदेव नौटियाल ने अटैंड किया। नौटियाल ने डीएम को बताया कि केंद्र प्रभारी डॉ. अजीत राठी कोरोना सैंपलिंग के लिए गांवों में गए हुए हैं। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में उपचार की कोई सुविधा डीएम को नहीं मिली। उन्होंने फार्मासिस्ट से पूछा कि यदि कोई इमरजेंसी आती है तो क्या किया जाएगा। इस पर फार्मासिस्ट चुप्पी साध गए। डीएम ने आक्सीजन सिलिंडर की उपलब्धता को परखा। आक्सीजन सिलिंडर तो केंद्र पर उपलब्ध थे, लेकिन उनके इस्तेमाल की जानकारी कर्मचारी नहीं दे सके। डीएम ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमित रोगियों को दवाई वितरण के बारे में पूछा तो इसका भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार लाने की चेतावनी दी। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने डीएम को अवगत कराया कि कोरोना संक्रमित मरीजों को जिला मुख्यालय पर रेफर कर दिया जाता है। करीब आधा घंटा केंद्र पर रुकने के बाद डीएम वापस लौट गए। इस दौरान कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।