संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कोविड संक्रमण से माता पिता की मृत्यु के पश्चात अनाथ हो चुके या माता पिता के अस्पताल में भर्ती होने के कारण देखभाल से वंचित 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के संरक्षण के लिए जिला स्तर पर एक निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। ऐसे बच्चों की सूचना ग्राम एवं मौहल्ला निगरानी समितियां संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराएंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गठित ग्राम और मौहल्ला निगरानी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन ऐसे बच्चों के बारे सूचना उपलब्ध कराएंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल संरक्षण योजना के तहत ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में गठित ग्राम बाल संरक्षण समिति के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावित बच्चों का डाटा उपलब्ध कराएंगे। यदि किसी बच्चे को रिश्तेदार की देखभाल में रखा जाता है, तो बाल कल्याण समिति लगातार निगरानी रखेगी। माता पिता दोनों को खोने वाले बच्चों के बारे में चाइल्ड लाइन के हेल्पलाइन नंबर-1098 या महिला हेल्पलाइन-181 पर प्राप्त सूचना चाइल्ड लाइन द्वारा 24 घंटे के अन्दर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। चाइल्ड लाइन द्वारा ऐसे बच्चों की सूचना राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग के हेल्पलाइन नंबर 011-23478250 पर भी दी जाएगी।
रजिस्ट्रेशन कराकर कानूनी रूप से लें बच्चों को गोद
जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम बच्चों के माता पिता की मृत्यु के उपरांत उन्हें गोद देने की पेशकश की जा रही है। जो किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार गैर कानूनी एवं दंडनीय है। रजिस्ट्रेशन कराकर बच्चों को गोद लिया जा सकता है। विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड लाइन (1098) एवं जिला बाल संरक्षण इकाई ऐसे बच्चों के बारे में सूचनाप्राप्त होने पर बाल कल्याण समिति के समक्ष रखेगी। इसमें जिला प्रोबेशन कार्यालय सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी ऐसे बच्चोें की सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी को प्रतिदिन ई-मेल पर उपलब्ध कराएं।