सहारनपुर। राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने प्रेसवार्ता में जिले के अधिकारियों पर तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिले के अधिकारियों ने सूचना के अधिकार कानून के क्रियान्वयन में निराश किया है। उन्होंने समीक्षा बैठक के बारे में बताया कि मौजूद 170 में से 167 अधिकारी सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
राज्य सूचना आयुक्त सर्किट हाउस सभागार प्रेसवार्ता में कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सूचना आयोग ने दो वर्षों के भीतर 50 हजार से अधिक अपीलों का निस्तारण किया है, जितने मामलों का निस्तारण होता है, उससे अधिक आवेदन होते हैं। एक तथ्य यह भी सामने आया कि जो भी सूचना आमजन को मिल रही है। उनमें से 70 फीसदी मामलों में राज्य सूचना आयोग के दखल बाद जानकारी आमजन को मिल पा रही है। यही कारण है कि राज्य सूचना आयोग में 20 हजार द्वितीय अपील लंबित है। इसका मतलब है कि आमजन को अपेक्षित सूचना नहीं पा रही है। अन्य जिलों के मुकाबले सहारनपुर का प्रदर्शन खराब है। आयोग स्तर पर जिले के 318 मामले लंबित है।
समय पर सूचना नहीं देने वाले जिले के 841 अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया गया है। कहा कि यहां की समीक्षा बैठक में स्थिति और भी खराब रही। बैठक में करीब 170 जन सूचना अधिकारी और द्वितीय अपीलीय अधिकारी मौजूद रहे। इनमें से मात्र दो या तीन अधिकारी ऐसे रहे, जिन्होंने सवालों के संतोषजनक उत्तर दिए। अधिकारी यह देखें कि हर महीने की पहली तारीख को कितने मामले लंबित हैं और महीने के अंतिम दिन कितने मामले लंबित रह गए हैं। कहा कि सूचना मांगना आमजन का अधिकार है।