सहारनपुर। गुरुद्वारा रोड स्थित धार्मिक स्थल को लेकर 2014 में हुए दंगे का विवाद निपट गया। प्रशासन की मध्यस्थता में सिख समाज और मुस्लिम समाज के बीच कोर्ट में लिखित समझौता हो गया। अब गुरुद्वारे का भव्य निर्माण होगा। इसके साथ ही मुस्लिम समाज को मस्जिद निर्माण के लिए अलग से जगह दी गई और सम्मान राशि का चेक सौंपा गया। इस मौके पर डीएम, एसएसपी और गुरु सिंह सभा के लोगों ने निशान साहिब की स्थापना की।
बुधवार की शाम जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, एसएसपी दिनेश कुमार, गुरु सिंह सभा के प्रधान जसबीर सिंह बग्गा, गुरप्रीत सिंह बग्गा और मुस्लिम पक्ष से मोहर्रम अली पप्पू सहित दोनों समाज के अनेक लोग गुरुद्वारा रोड स्थित गुरु श्री गुरु सिंह सभा पर एकत्र हुए। डीएम और एसएसपी ने बताया कि सिख समाज और मुस्लिम समाज के बीच धार्मिक स्थल को लेकर चल रहा विवाद खत्म हो गया है। इसके लिए कोर्ट में लिखित रूप से समझौता हो चुका है, अब भव्य गुरुद्वारे का निर्माण होगा। इसके पश्चात गुरुवाणी पाठ और अरदास के साथ डीएम व एसएसपी और गुरु सिंह सभा के पदाधिकारियों ने निशान साहिब की स्थापना की। इसके साथ ही मुस्लिम समाज को सम्मान राशि का चेक सौंपा हो गया और गुरु सिंह सभा की ओर से रहमानी चौक पर मस्जिद निर्माण के लिए 200 गज जमीन दी गई है। इस दौरान प्रधान जसबीर सिंह बग्गा, राजकुमार राजू, हेमंत अरोड़ा, सरदार हरेंद्र सिंह चड्ढा, प्रभजोत सिंह, एमपी सिंह चावला, सरदार सुरेंद्र सिंह मोहन चावला, रघुबीर सिंह, सरदार टोनी, गुरविंद्र सिंह कालड़ा, विपिन सलूजा, इंद्रजीत सिंह, इकबाल सिंह चावला, दीपेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, हाजी नूर आलम, अमन, तरुणदीप सिंह, अमन मदान, सूरजपाल सिंह पिंकी, राजपाल सिंह, हाजी सगीर, काशिम, सलमान, दानिश, शादान, कौसर आदि मौजूद रहे।
उनके कार्यकाल का ऐतिहासिक दिन: डीएम
सहारनपुर। इस मौके पर जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि इस मामले को खत्म कर दोनों समाज के लोगों ने पूरे देश में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। इसके साथ ही अब एक तरफ भव्य गुरुद्वारे का निर्माण होगा और दूसरी तरफ रहमानी चौक पर मस्जिद बनेगी। सहारनपुर में उनके कार्यकाल का यह सबसे ऐतिहासिक दिन है।
सिख और मुस्लिम समाज का सराहनीय फैसला: एसएसपी
सहारनपुर। एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम और सिख समाज ने समझौता कर सराहनीय काम किया। क्योंकि, नफरत से कुछ हासिल नहीं होता है, जो समाज ऐसे मामले में आगे बढ़कर सांप्रदायिक सौहार्द कायम करता है। वह समाज सबसे उदारवादी और ताकतवर होगा। दोनों ही समाज उदारवादी हैं। क्योंकि, ईश्वर एक है। हमें किसी भी धर्म के बारे में गलत टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मुस्लिम और सिख समाज ने पूरे देश के लिए सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है।
मुझे बदमनाम किया गया था: मोहर्रम अली
सहारनपुर। मुस्लिम पक्ष से पूर्व सभासद मोहर्रम अली पप्पू ने कहा कि 2014 में हुए दंगे में उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया था, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्होंने कोई ऐसा काम नहीं किया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द खराब हो। लोगों को गुमराह कर दंगा भड़काने वाले असली आरोपियों के नाम आज तक सामने नहीं आ पाए हैं। गुरुद्वारा खुदा का घर है। ऐसे में वह खुदा के घर के निर्माण में कभी बाधक नहीं बन सकते हैं, लेकिन खुदा की मर्जी, प्रशासन और सिख समाज के सहयोग से इस मामले का हल हुआ है, जिसको दोनों समाज के लोगों ने स्वीकार किया। गुरुद्वारे निर्माण में भी वह कार सेवा करेंगे।
हम सब मिलकर रहे हैं और रहेंगे : बग्गा
सहारनपुर। श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष जसबीर सिंह बग्गा ने कहा कि सहारनपुर सांप्रदायिक सौहार्द की धरती है। यहां सभी समाज के लोग हमेशा मिलकर रहें और भविष्य में भी रहेंगे। मुस्लिम और सिख समाज के बीच हुआ समझौता इसका उदाहरण है। 2014 में बुरा दौर था, जो सहारनपुर का माहौल खराब हो गया था, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा। इसके लिए सभी समाज के लोग मिलजुलकर एक-दूसरे धार्मिक स्थलों के निर्माण में सहयोग करेंगे।
भूमि पूजन कर निशान साहिब को स्थापित करते अधिकारी व सिक्ख समाज के लोग- फोटो : SAHARANPUR
गुरूद्वारा रोड स्थित गुरूद्वारा के भूमि का पूजन करते मोहरम अली पप्पू डीएम एसएसपी गुरूद्वारा गुर- फोटो : SAHARANPUR
गुरूद्वारा रोड स्थित गुरूद्वारा गुरू सिंह में जमीन के विवाद में समझौता होने पर मोहर्रम अली पप्प?- फोटो : SAHARANPUR