नकुड़ (सहारनपुर)। क्षेत्र के गांव खारीबांस में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड बुखार ने बीते वर्ष कहर बरपाया था। सौ से ज्यादा लोग इन बीमारियों से जूझे थे। बुखार से कोई घर नहीं बचा था। एक-एक घर के कई सदस्य बुखार की चपेट में थे। कई लोगों की मौत तक हो गई थीं। जिस कारण यह बीमारियां फैल रहीं थीं, उसकी वजह है तालाब का गंदा पानी। गंदगी से अटा होने के कारण बरसात में गंदा पानी गांव में घुस जाता है।
हालात अब भी जस के तस हैं और तालाब गंदगी से अटा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते वर्ष गांव में बीमारी के कारण संगीता देवी, हरपाल, मोहकम, बिशन, प्रेम, सतपाल सहित करीब 12 लोगों की मौत हो गई थी। तब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब एक पखवाड़े तक गांव में डेरा डाल पीड़ितों की जांच और उपचार किया था। क्षेत्रीय भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी, सपा एमएलसी साहब सिंह सैनी, एसडीएम पीएस राणा व सीएमओ बीएस सोढ़ी आदि ने गांव का दौरा कर आबादी के बीच स्थित गंदगी से अटे तालाब को बीमारियों का मुख्य कारण माना था।
करीब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति सुधरने के बजाय और भी बदतर हो गई है। तालाब गंदगी से अटा पड़ा है। कुछ लोगों ने तालाब में कूड़ा करकट डालकर पाट रखा है। गांव में मच्छरों की भरमार है। गांव में कई जगह नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। आर्य समाज मंदिर को जाने वाले रास्ते पर कीचड़ और पानी जमा है। इसमें मच्छर और कीड़े पैदा हो रहे हैं। आबादी के बीच पूर्व माध्यमिक स्कूल के सामने कुरढ़ी का ढेर लगा है। जरा सी बारिश में ही यहा इतनी दुर्गंध हो जाती है कि इसके आसपास से निकलना मुश्किल हो जाता है।
पूर्व प्रधान राजेन्द्र सिंह का कहना है कि तालाब करीब छह बीघे का है। अतिक्रमण के चलते मौके पर करीब तीन बीघा ही बचा है। इसमें भी कुछ लोगों ने कूड़ा करकट डाल रखा है। अपने कार्यकाल में उन्होंने तालाब की सफाई कराई थी। उसके बाद सफाई नहीं हुई। संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए तालाब की सफाई होना जरूरी है।
राजकुमार का कहना है कि आर्य समाज मंदिर को जाने वाला रास्ता कच्चा होने के कारण बरसात में कीचड़ व गंदगी से भरा रहता है। इसमें मच्छर और कीड़े पैदा हो जाते हैं। इनसे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने रास्ते को पक्का कराने की मांग की है।
जम्बू दास का कहना है कि तालाब में गंदगी होने के कारण भूजल प्रदूषित हो गया है। सरकारी नलों व निजी सबमर्सिबल पंपों से पीला व बदबूदार पानी निकलता है। इससे गांव में बरसात के बाद बीमारियां फैलती हैं।
ब्रजपाल सिंह ने बताया कि उनके घर के बाहर रास्ता नीचा होने के बरसात में खड़ंजे पर पानी भरा रहता है। ऐसे में उनका घरों से बाहर निकलना दूभर हो जाता है। नालियों में भी गंदगी भरी पड़ी है।
ग्राम प्रधान सुदेश कुमार का कहना है कि बजट के अभाव में तालाब की सफाई नहीं हो सकी है। हालांकि प्रत्येक पखवाडे़ वे गांव में सफाई अभियान चला कर एंटी लार्वा और कीटनाशक का छिड़काव कराते हैं।
उनके द्वारा गत वर्ष तालाब की सफाई कराने के निर्देश दिए गए थे। सफाई क्यों नहीं हुई इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -- पीएस राणा, उपजिलाधिकारी नकुड़
अभी तक क्षेत्र में हालात सामान्य है। संक्रामक बीमारियों से बचाव हेतु खारीबांस सहित अन्य गांवों में भी छिड़काव हेतु कीटनाशक भिजवाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग की टीम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
-- डॉ. अमन गोपाल, इंचार्ज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नकुड़
जम्बू दास- फोटो : SAHARANPUR
पूर्व ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह- फोटो : SAHARANPUR
ब्रजपाल सिंह- फोटो : SAHARANPUR
तालाब में डाला गया कूड़ा- फोटो : SAHARANPUR
गंदगी से अटी पडी नाली- फोटो : SAHARANPUR
आबादी के बीच स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के गेट के सामने पड़ी कुरड़ी- फोटो : SAHARANPUR