गंगोह। व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए डिजिटल अरेस्ट करते हुए साइबर ठगों ने मोहल्ला गुलाम औलिया निवासी सरफराज से एक लाख रुपये की ठगी कर ली। उधर, साइबर ठगों ने नकुड़ निवासी मोहीन राव के खाते से 1.27 लाख रुपये की नगदी पार कर दी।
गंगोह निवासी पीड़ित सरफराज ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 22 दिसंबर को दोपहर उनके पिता इंतजार के व्हाट्सएप नंबर पर दुबई में कार्यरत मामा के लड़के दानिश की फोटो लगी फर्जी आईडी से कॉल और मेसेज आए। कॉल करने वाले ने खुद को दानिश बताकर भरोसे में लिया और बैंक व ट्रांजेक्शन से जुड़ी बातें करते हुए आधार से संबंधित जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद खुद को बैंक कर्मचारी व एजेंट बताकर अलग-अलग नंबरों से कॉल कर पिता को डिजिटल अरेस्ट कर लिया।
आरोप है कि ठगों ने फोनपे व बैंक के माध्यम से चार बार में 49 हजार, एक हजार, 25 हजार और 25 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में कॉल करने पर आरोपी ने बात करने से इंकार कर दिया। परिजनों से बातचीत करने पर पता चला कि दानिश का इस घटना से कोई संबंध नहीं है और उसकी फोटो व नाम का दुरुपयोग किया गया। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
नकुड़ के मुहल्ला बंजारान निवासी मोहीन राव ने तहरीर देकर बताया कि सुबह करीब नौ बजे उसके मोबाइल फोन पर बैंक खाते से एक लाख 27 हजार रुपये निकलने का मेसेज आया। खाते से रुपये कटने के बाद उसने अपनी बैंक शाखा में पहुंचकर इस संबंध में जानकारी ली। वहां बैंक कर्मचारी ने बताया कि उसके खाते से फर्जीवाड़ा कर रकम निकाली गई है। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर साइबर हेल्प डेस्क की टीम जांच कर रही है।