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सर्दी में बढ़ने लगी नाक, कान और गले के मरीजों की मुश्किल

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जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीज को देखते ईएनटी चिकित्सक - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। सर्दी शुरू होते ही नाक, कान और गले के मरीजों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। साथ ही दीपावली के बाद से बढ़ा प्रदूषण भी बीमारी इजाफा करने में बड़ा कारण बना है। एसबीडी जिला अस्पताल में नाक, कान और गले के डॉक्टर की ओपीडी में प्रतिदिन 150 और उससे अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। नाक, कान और गले के वरिष्ठ सर्जन डॉ. मनीष पांडेय ने बताया कि सर्दियों में तमाम बीमारियों के साथ नाक, कान और गले के मरीज भी बढ़ जाते हैं। इसकी प्रमुख वजह सर्दी की वजह से इंफेक्शन होना है। जिन मरीजों को टांसिल की समस्या रहती है, उनकी समस्या सर्दियों में और बढ़ जाती है। उन्हें सोते वक्त सांस लेने में तकलीफ होती है। कुछ भी ठंडा पेय पदार्थ या आइसक्रीम खाने पर भी यह समस्या बढ़ती है। ईएनटी सर्जन डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि सर्दियों में हवा में नमी की वजह से प्रदूषण अधिक रहता है, जिसकी वजह से नाक और गले के मरीजों को इंफेक्शन की समस्या रहती है। इन दिनों भी ज्यादातर मरीज इसी तरह के आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को सर्दी से बचाव करना चाहिए। ठंडी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।
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तापमान कम होने पर बढ़ती है समस्या
चिकित्सकों का कहना है कि जैसे ही तापमान 33 डिग्री से कम होने लगता है तो सेहत को लेकर समस्या बढ़ने लगती है। ऐसे में गले में खराश, सूजन और दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। ऐसे मरीज भी इन दिनों पहुंच रहे हैं।
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मरीज यह सावधानी बरतें
- गुनगुना पानी पिए, नमक के पानी से गरारे करें।
- हर्बल चाय व दूध पिए, गुड़, चना और मूंगफली खाएं।
- धूप निकलने के बाद ही टहलें, बीमार लोग छत पर टहलें।
- कान-नाक ढककर रखें, बच्चों को धूप निकलने पर ही बाहर खेलने दें।
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