सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राजनीतिक दलों के भीतर चल रही कलह लगातार सामने आ रही है। अब एक पूर्व प्रधान ने समर्थकों समेत बसपा जिलाध्यक्ष के घर के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर प्रत्याशी बनवाने का लालच देकर नौ लाख रुपये खर्च करा देने का आरोप लगाया।
गांव कृष्णी के निवर्तमान प्रधान नाथीराम और समर्थक बुधवार सुबह सर्किट हाउस रोड स्थित जेजेपुरम कॉलोनी पहुंचे। यहां बसपा जिलाध्यक्ष के घर के बाहर धरना देकर जमकर नारेबाजी की। नाथीराम ने बताया कि वह दो साल से बहुजन समाज पार्टी को चंदा देते आ रहे हैं। अब तक करीब नौ लाख रुपये खर्च कर दिए। उन्हें जिलाध्यक्ष ने भरोसा दिया था कि जिला पंचायत सदस्य का प्रत्याशी बनवाएंगे। इस कवायद में उसने अपनी कार और पत्नी के जेवर तक बेच दिए तथा रिश्तेदारों से भी पैसा उधार लिया। वह वार्ड 41 से टिकट मांग रहे थे, लेकिन उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया गया। नाथीराम ने कहा कि हमारा पैसा वापस दिया जाए और बसपा जिलाध्यक्ष का इस्तीफा होना चाहिए। करीब डेढ़ घंटे तक धरना-प्रदर्शन चला, जिसके बाद बसपा के अन्य पदाधिकारियों ने नाथीराम के समर्थकों से वार्ता कर धरना समाप्त कराया।
सबको नहीं मिलता टिकट : योगेश
बसपा जिलाध्यक्ष योगेश कुमार का कहना है कि नौ लाख रुपये खर्च कराने का आरोप बेबुनियाद है। पार्टी की तरफ से गठित समिति ने ही प्रत्याशी घोषित किए हैं। उनमें अकेले जिलाध्यक्ष की भूमिका नहीं है। टिकट बहुत लोग मांगते हैं, मगर सबको मिल पाना संभव नहीं होता है।