अंबाला रोड़ स्थित एक सभागार में वुड कार्विंग की कार्यशाला के समापन पर प्रमाण पत्र के साथ कारीगर
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हस्त शिल्पियों को बताए डिजाइन एवं विपणन के गुर
सहारनपुर। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की ओर से आयोजित सेमीनार में हस्तशिल्पियों को डिजाइन और विपणन के गुर बताए गए। उन्होंने हस्तशिल्प क्षेत्र में उत्पाद विकास, डिजाइन तैयार करने आदि की नई तकनीकों की जानकारी दी।
बुधवार को अंबाला रोड स्थित सभागार में सेमीनार के प्रथम सत्र में डिजाइनर वंदना शर्मा ने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप के कारण हस्तशिल्प क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ा है। यदि हस्तशिल्प के डिजाइन पर विशेष काम किया जाए तो उसका दीर्घकालीन लाभ होगा। सेमीनार के दूसरे सत्र में दीपक नौटियाल ने कहा कि किसी भी कारोबार में विपणन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए व्यापारियों को मार्केटिंग की जानकारी होनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट के माध्यम से विपणन का कार्य आसानी से हो सकता है। कार्यक्रम के आखिर में 50 हस्तशिल्पियों को प्रमाणपत्र दिए गए। इस दौरान निर्यातक रामजी सुनेजा, औसाफ गुडडू, पुलकित जैन, योगेश पाठक, मौहम्मद आसिफ आदि मौजूद रहे।