शहर के विकास के लिए 284 करोड़ का बजट पास
सहारनपुर। नगर निगम बोर्ड की बैठक में शहर के विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 284.81 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया। इससे पहले पार्षदों ने बजट के कई बिंदुओं पर सवाल उठाए। आय बढ़ोत्तरी के लिए ठोस कदम नहीं उठाने और शहर के विकास में लापरवाही का आरोप भी पार्षदों ने लगाया। इस पर खूब नोकझोंक हुई। निगम अधिकारियों पर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की गई।
जनमंच प्रेक्षागृह में शाम चार बजे शुरू हुई बैठक में सबसे पहले पार्षद मंसूर बदर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कर करेत्तर से होने वाली आय में बढ़ोत्तरी, टैक्स के दायरे से बाहर भवनों पर टैक्स लगाने, हाउस टैक्स के लिए भवनों का सर्वे करने वाली कंपनी के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। इसके लिए निगरानी समिति बनाने की मांग बोर्ड से की। प्रचार के लिए सड़कों पर लगे यूनिपोल और होर्डिंग पर होने वाले विज्ञापनों में भी गड़बड़ी की आशंका जताई।
इसके अलावा अधिकारियों को मिली गाड़ियों का सालाना किराया 60 लाख होने पर हैरानी जताते हुए निगम से अपनी गाड़ियां खरीदने का प्रस्ताव रखा। चंद्रजीत सिंह निक्कू ने आरोप लगाया कि नए भवनों पर टैक्स लगाने के एवज में टीसी पांच हजार रुपये तक मांगते हैं। अनिल कुमार ने उद्यान विभाग द्वारा किए जा रहे पौधारोपण में तकनीकी खामियां होने की बात कही। अभिषेक उर्फ टिंकू अरोड़ा ने पार्किंग के ठेकों में अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरतने, नलकूपों पर लगे सोलर पैनल नहीं चलाए जाने, पांवधोई की सफाई और उस पर बनाए गए डैम आदि पर सवाल उठाए। उन्होंने शहर की नदियों की सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुरानी चुंगी और जनमंच प्रेक्षागृह का नाम सेठ गंगाप्रसाद के नाम पर रखने का पहला प्रस्ताव उनका था, मगर चूंकि वह सपा के पार्षद हैं ऐसे में प्रस्ताव को दबा दिया गया है। वार्ड 63, 66 आदि के साथ भेदभाव करने का आरोप भी लगाया।
नामित पार्षद सुनील शर्मा ने निगम द्वारा बनाई गई सड़क के तीन माह में टूट जाने का मामला उठाया। आशुतोष सहगल ने नलकूपों पर लगे सोलर पैनल अभी तक नहीं चलाने का मामला उठाया। स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछड़ने के लिए सेनेट्री इंस्पेक्टरों को जिम्मेदार ठहराया। आरोप लगाया कि सेनेट्री इंस्पेक्टर फील्ड में नहीं जाते हैं। महापौर संजीव वालिया और नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने पार्षदों के सवालों के जवाब दिए। बैठक शाम साढ़े सात बजे तक चली।
बैठक में उप सभापति भूरासिंह प्रजापति, कंचन धवन, गीता चौहान, संजय गर्ग, रमेश छाबड़ा, नंद किशोर, यशपाल पुंडीर, राजेंद्र चौधरी, मुकेश गक्खड़, पुनीत चौहान, शहजाद मलिक, जुलेखा, कुशल पठानिया, मान सिंह जैन, सुधीर पंवार, अमित त्यागी, सलीम, विजय कालड़ा तथा निगम अधिकारियों में उप नगरायुक्त दिनेश यादव, सहायक नगरायुक्त अशोकप्रिय गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुनाल जैन, लेखाधिकारी राजीव कुशवाहा आदि मौजूद रहे। अंत में शहीद निशांत शर्मा के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
खंभे नहीं हटे तो धरना दूंगा : निक्कू
चंद्रजीत सिंह निक्कू ने सड़कों पर लगे एक मोबाइल कंपनी के टावर हटाने में लापरवाही करने का आरोप निगम पर लगाया। उन्होंने महापौर से पूछा कि जब बोर्ड की बैठक में खंभे हटाने का प्रस्ताव पास हो चुका था और दिन भी तय हो गया था तो क्यों नहीं हटे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि खंभे जल्द नहीं हटे तो धरना देंगे।
प्रमुख कार्य और उनका अनुमानित व्यय
कार्य------------------------------अनुमानित व्यय (लाख में)
अधिष्ठान व्यय--------------------10601
पथ प्रकाश व्यय-------------------1120
जलकल पर व्यय------------------2540
स्वास्थ्य एवं गैराज पर व्यय------3475
निर्माण कार्यों पर व्यय-------------9450
विविध कार्यों पर व्यय--------------1305
उच्चंत--------------------------------90