सहारनपुर। त्रुटियों के कारण रिजेक्ट हुए छात्रवृत्ति के फार्म को लेकर जिला पिछड़ा वर्ग, जिला समाज कल्याण और जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग गंभीर हो गया है। शिक्षण संस्थाओं की ओर से फार्म भरने में की गई गलतियों के कारण एक बार 700 और दूसरी बार 400 फार्म छात्रवृत्ति के रिजेक्ट हुए थे। इस कारण इन छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी है। इसको लेकर अब शिक्षण संस्थाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उनकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
छात्रवृत्ति के फार्म ऑनलाइन शिक्षण संस्थाओं की ओर से भरे जाते हैं। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की जांच में सामने आया कि फार्म भरने में कई-कई कॉलेजों ने एक ही नोडल अधिकारी नामित किया। इसके साथ ही छात्रों के बैंक खाता नंबर पूरे नहीं भरे गए, इस कारण बीते वर्ष एक बार में 700 और दूसरी बार में 400 फार्म रिजेक्ट हुए । शिक्षण संस्थानों ने समय देने के बाद भी त्रुटियों को दूर नहीं किया। छात्रवृत्ति न मिलने के कारण छात्रों ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण विभाग और जिला अल्पसंख्यक विभाग में शिकायत की।
अधिकारियों के मुताबिक शिक्षण संस्थानों ने छात्रों को विभागीय गलती बताकर यहां भेजा, गलती शिक्षण संस्थानों की ओर से की गई। इसको लेकर शासन को भी पत्र लिखा। अब इसे देखकर शासन के निर्देशानुसार शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को छात्रवृत्ति फार्म भरने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही शिक्षण संस्थाओं की जिम्मेदारी भी तय होगी। इसके पीछे शासन की मंशा है कि कोई भी छात्र छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। जिला पिछड़ा वर्ग और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी शरद प्रकार श्रीवास्तव ने बताया शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को ट्रेनिंग देने के साथ ही उनकी जिम्मेदारी तय होगी।