जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट के समलैंगिक विवाह को कानूनी तौर पर वैधता देने की अपील को खारिज किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। मौलाना मदनी ने कहा कि अदालत के फैसले से विवाह की पवित्र व्यवस्था का संरक्षण हुआ है।
मंगलवार को जारी बयान में जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि भारत एक प्राचीन सभ्यता और संस्कृति वाला देश है, जो विभिन्न धर्मों और विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करता है। इसे पश्चिमी दुनिया के स्वतंत्र विचारों वाले अभिजात्य वर्ग की मनमानी से कुचला नहीं जा सकता।