सहारनपुर के देवबंद नगर और क्षेत्र में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को बुखार पीड़ित एक बच्ची समेत चार लोगों को मौत हो गई। चार मृतकों में डेंगू के लक्षण पाए गए थे। जिनका अगल-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा था।
डेंगू बुखार अब तक 16 लोगों की जिंदगी निगल चुका है। मोहल्ला कायस्थवाड़ा (शिव चौक) निवासी मोंटू की पुत्री वैष्णवी (8) को तीन दिन से बुखार था। परिजनों ने पहले उसका नगर में एक चिकित्सक से उपचार कराया।
जांच में डेंगू के लक्षण मिलने पर उसे देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। वहीं, मटकोटा निवासी जूता व्यापारी अख्तर (45) भी कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। जिसकी बृहस्पतिवार को मौत हो गई।
इनके अलावा घ्याना गांव निवासी रामकुमार त्यागी (35) और कालीपार क्षेत्र के गांव राज्जुपुर निवासी फैजान की पत्नी रिजवाना (35) की भी मौत डेंगू से होना बताई जा रही है। जबकि मंगलवार को लाल मस्जिद निवासी मुर्तजा की पत्नी बुशरा (36) की बुखार से मौत हो गई थी।
वहीं, पिंटू शर्मा को प्लेट्सलेट कम होने पर नगर में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जबकि पिंकी कौर को कई दिनों से बुखार है। मुजफ्फरनगर में खून की जांच कराने पर उसमें डेंगू के लक्षण पाए गए।
जिसके बाद परिजनों ने पिंकी कौर को मेरठ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। बृहस्पतिवार को सीएमओ डा. मो. सईद दिनभर देवबंद में ही डेरा डाले रहे।
उन्होंने सीएचसी में भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और जागरूकता अभियान में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीमों को अलर्ट रहने के आदेश दिए। उन्होंने चिकित्सकों के साथ भी मीटिंग कर दिशा निर्देश दिए।
चिकित्सा अधीक्षक डा. वीके मिश्रा ने बताया कि चार टीमों ने मोहल्लों जाकर कूलर, बर्तनों आदि में पानी एकत्र न रखने को जागरूक किया। 50 से अधिक बुखार पीड़ितों के खून की स्लाइड भी बनाई गई है। बीमारियों से बचाव जागरूकता पैदा करने से ही संभव हो सकेगा।