मिर्जापुर। जल निगम की अधूरी पड़ी खेड़ी मुस्तकम परियोजना से जुड़े चार गांवों की दस हजार की आबादी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। मजबूरी में यमुना एवं रजबहे का दूषित पानी पीने से ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। इससे क्षुब्ध ग्रामीणों ने पेयजल योजना पूर्ण कराने की मांग को लेकर घड़े एवं बाल्टियां लेकर प्रदर्शन किया।
ब्लॉक साढ़ौली कदीम की दस हजार की आबादी ग्राम पंचायत खेड़ी मुस्तकम सहित इससे जुड़े तीन अन्य गांवों डूडूमाजरा, छज्जा, खेड़ी अहतमाल को 25 वर्ष पूर्व गांव खैरी में बनी जल निगम की परियोजना से पेयजल आपूर्ति होती थी। पाइप लाइन टूटने से आपूर्ति बंद हो गई। मजबूरी में ग्रामीण गांव के पास की यमुना एवं रजबहे से स्वयं एवं मवेशियों की प्यास बुझा रहे हैं। दूषित पानी पीने से ग्रामीण लिवर एवं पेट संबंधी अन्य कई बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
इन गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दो वर्ष पूर्व हर घर जल हर घर नल के तहत निर्माण शुरू किया था। इसमें बाउंड्री वाल,पानी का टैंक एवं पाइप लाइन तो बिछ गई है, लेकिन रजबहे से दूसरी तरफ 20 मीटर क्रॉसिंग पाइप एवं सोलर प्लांट लगना शेष है। इसे पूरा करने के लिए ग्रामीण शिकायतें करके थक चुके हैं, लेकिन अधिकारी ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।
बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने घड़े एवं बाल्टी लेकर यहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में फरीदा, आबादा, शहनाज़, इसराना, मरजीना, आसमीन, साइना, सुल्ताना आदि शामिल रहे। ग्राम प्रधान प्रदीप शर्मा ने चेताया कि यदि जल्द ही योजना पूर्ण नहीं की गई तो वह ग्रामीणों के साथ सहारनपुर में जल निगम कार्यालय पर धरना देंगे। कार्यदाई संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर कुमारा मराठा ने बताया कि जल्द ही कार्य पूरा करा दिया जाएगा।