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चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन

Sat, 10 Jun 2017 01:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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प्रदर्शन करती महिलाओं को समझाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार को करीब दो दर्जन गांव के दलित समाज के सैकड़ों लोग पुलिस को चकमा देकर एसडीएम कार्यालय पहुंचने में कामयाब हो गए।
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उन्होंने चंद्रशेखर की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए जमकर प्रदर्शन किया तथा उसे तत्काल रिहा किए जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने सड़क दूधली प्रकरण के दोषी भाजपा नेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, राज्यपाल व पीएम को ज्ञापन भी भेजा। इस दौरान लोगों की पुलिस से मामूली झड़प भी हुई। 

भीम आर्मी के संस्थापक और 12 हजार के इनामी घोषित किए गए चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार की दोपहर लबकरी, खजूरी, कुरड़ी, बास्तम, बहादरपुर, मेघराजपुर, अंबहेटा शेखां, मकबरा, पीर माजरा, लच्छीपुर, दिवालहेड़ी, ठोकरपुर, कुलसत, हाशिमपुरा, सैनपुर, लालवाला,
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कासिमपुरा, सुल्तानपुर, करंजाली, बीवीपुर समेत करीब दो दर्जन गांव के दलित समाज के सैकड़ों लोग पुलिस को चकमा देकर अलग अलग रास्तों से एसडीएम कार्यालय पर जमा हो गए। जिसमें सैकड़ों महिलाएं भी शामिल रहीं।

लोगों ने चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया और तुरंत चंद्रशेखर समेत पकड़े गए लोगों को रिहा करने की मांग की। इस दौरान लोगों ने राज्यपाल के नाम छह सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

जिसमें शब्बीरपुर के पीड़ित दलित परिवारों को पुनर्वास के लिए 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने, 5 मई को शब्बीरपुर में हुए बवाल में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराने, 20 अप्रैल को सड़क दूधली प्रकरण में दोषी भाजपा नेताओं के खिलाफ अविलंब कार्रवाई कराने,

पुलिस द्वारा निर्दोष दलितों को झूठे मुकदमों में फंसाने पर रोक लगाने, भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर व शब्बीरपुर के प्रधान शिवकुमार की शीघ्र रिहाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को भी ज्ञापन भेजा।

जिसमें कहा कि शासन प्रशासन द्वारा दलित समाज का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही दलित समाज के बेकसूर लोगों को नहीं छोड़ा गया तथा गुनहगारों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया तो पूरा समाज इकट्ठा होकर आंदोलन करेगा और महिलाएं जेल भरो आंदोलन शुरु करेंगी।

प्रदर्शन के दौरान लोगों की पुलिस के साथ मामूली कहासुनी भी हुई। प्रदर्शनकारियों में राजकुमार, रजनीश कुमार, रामरती, सोमवती, बाला देवटी, श्यामो देवी, नैन कुमार, चमन देवी, ऊषआ रानी, कामिनी, करेशना, मूर्ति, गीता, विनित, श्याम लाल, पूजा, सरोज, निर्मला, चंद्रेश, मुकेश कुमार, नरेश कुमार, जयपाल सिंह, सुनील कुमार, कैलाश चंद आदि रहे।
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