छुटमलपुर। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परिवहन के क्षेत्र में गेम चेंजर साबित होगा। इस पर कार के द्वारा दिल्ली से देहरादून तक का सफर फ्लाइट और ट्रेन की तुलना में बहुत जल्दी पूरा होगा। फ्लाइट में जहां चार घंटे का समय बर्बाद होगा, वहीं इससे केवल ढाई घंटे में देश की राजधानी से दून घाटी पहुंच जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण कर दिया है। इसी के साथ यह एक्सप्रेसवे आधिकारिक रूप से वाहनों के लिए खोल दिया गया है। पहले जहां इस पर देहरादून से दिल्ली पहुंचने में 5 से 6 घंटे का वक्त लगता था वहां अब केवल ढाई घंटे में यह सफर पूरा होगा। अगर ट्रेन से तुलना करें तो सबसे तेज गति से चलने वाली वंदे भारत चार घंटे 45 मिनट का समय लेती है। इसमें एसी चेयर कार का किराया 1075 और एग्जीक्यूटिव का किराया 1900 रुपये है। शताब्दी ट्रेन से यही सफर तय करने में छह घंटे का वक्त लगता है।
इसी तरह अगर फ्लाइट की बात करें तो दिल्ली से देहरादून के जॉली ग्रांट तक हवाई यात्रा में एक घंटा 10 मिनट का समय लगता है। इस यात्रा को करने के लिए 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच और चेक इन के लिए पहुंचना पड़ता है।
इसके बाद जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से बाहर आने और देहरादून शहर तक पहुंचने में भी एक घंटे का समय लगता है। ऐसे में फ्लाइट से भी दिल्ली से देहरादून पहुंचने में कम से कम 4 घंटे लगेंगे। इसका किराया भी 4000 रुपये से शुरू होता है। जबकि कैब का किराया 3000 रुपये से शुरू होता है।