सहारनपुर के छुटमलपुर में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं द्वारा गंदेवडा गांव में रातोरात दिल्ली जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए कूच करने की अपील संबंधी पोस्टर लगाए जाने के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया।
सूचना के बाद पुलिस गांव पहुंची और आनन फानन में पोस्टर हटवाए। हालांकि पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद पोस्टर लगाने वाले हत्थे नहीं चढ़ सके।
रात 11 बजे फतेहपुर एसओ भूपेंद्र सिंह को खबर मिली की गंदेवड़ा गांव में कुछ युवक पोस्टर चिपका रहे हैं। इनमें भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर की रिहाई के लिए 18 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचने की अपील की गई है।
कहा गया कि सभी दंगा पीड़ित चंद्रशेखर की मां की अगुवाई में वहां पहुंचेंगे। इन पोस्टरों पर चंद्रशेखर सहित अन्य दलित युवाओं की रिहाई और दूसरे पक्ष के आरोपियों पर फास्ट ट्रैक में मुकदमा चलाने संबंधी मांगें रखी गई हैं।
पोस्टर पर चंद्रशेखर उर्फ रावण का फोटो भी है। सूचना पर पुलिस गांव पहुंची। सीओ ब्रिजेश सिंह भी रात में ही गांव पहुंचे और पोस्टरों को हटवाया गया। पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों की तलाश की तो उनका कुछ भी पता नहीं चल सका।
ग्रामीणों के अनुसार अनजान युवकों ने पोस्टरों को चिपकाया है। इसके बाद सीओ और एसओ ने गांव की दलित बस्ती में बैठक करके ग्रामीणों को आपसी भाईचारे के साथ रहने का पाठ पढ़ाया।
रात भर गांव में पुलिस तैनात रही। एसओ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि गांव में शांति है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। लोगों को समझाया जा रहा है कि वे माहौल खराब करने वालों की बातों में न आएं।