हत्या के आरोप में पत्नी और साले समेत चार को आजीवन कारावास
सहारनपुर। सात वर्ष पूर्व नकुड़ के ग्राम मल्लाह माजरा निवासी मकसूद की उसके ससुराल सरसावा के ग्राम हुुुुसैनपुर में हत्या कर खेत में शव फेंके जाने के मामले में कोर्ट ने मृतक की पत्नी, साले समेत चार लोगों का आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चारों दोषियों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जयवीर सिंह पुंडीर ने बताया कि ग्राम मल्लाहमाजरा निवासी खुर्शीद ने 1 जून 2010 को थाना सरसावा में अपने भतीजे मकसूद उर्फ भूरा पुत्र शब्बीर की हत्या का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में खुर्शीद ने मकसूद की पत्नी शहजादी, साला सन्ना, बिल्ला और मंगता उर्फ मंशा को आरोपी बनाया था। मामला अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल के कोर्ट में चला। खुर्शीद ने आरोप लगाया था कि उसका भतीजा मकसूद लगभग 20 दिन से अपनी ससुराल सरसावा के ग्राम हुसैनपुर में रह रहा था। वह खेत में पलेज पर ही रहता था। जहां उसकी ससुरालियों ने गला घोंटकर हत्या कर शव को खेत में ही फेंक दिया गया था। जबकि उसकी शादी को मात्र एक ही साल हुआ था।
इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अपना-अपना पक्ष रखा गया और न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्क सुने। शनिवार को न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल ने मकसूद उर्फ भूरा की हत्या में मकसूद की पत्नी शहजादी, साले सन्ना, मंगता उर्फ मंसा तथा बिल्ला को हत्या के मामले में दोषी पाया। न्यायाधीश ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एडीजीसी जयवीर सिंह पुंडीर ने बताया कि चारों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।