सहारनपुर में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई सचिन वालिया को तीजे पर सैकड़ों लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भीम आर्मी ने 27 मई को वालिया की विशाल शोक सभा करने का एलान किया, जिसमें आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी।
इस शोक सभा में देश भर से भीम आर्मी से जुड़े पदाधिकारियों और दलित संगठनों से जुड़े लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। इससे पहले पुलिस सुरक्षा में सचिन की अस्थियों को हरिद्वार में विसर्जित किया गया।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के छोटे भाई सचिन वालिया की नौ मई को गोली लगने से मौत हो गई थी। शनिवार को रामनगर के अंबेडकर भवन में सचिन का तीजा हुआ। इसमें बड़ी संख्या में दलित समाज की महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।
डॉ. आंबेडकर सामुदायिक भवन परिसर में तंबू लगाया गया था, जहां बौद्घ धर्म के तहत सचिन वालिया को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में पहुंचे दलित समाज के लोगों ने सचिन वालिया की फोटो पर पुष्प अर्पित कर अपनी ओर से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भीम आर्मी पदाधिकारियों ने सचिन की मौत पर 27 मई को विशाल शोक सभा करने का एलान किया।
शोक सभा रामनगर के पास ही बनी कॉलोनी सेक्टर 99 में होगी। इसमें देश भर में भीम आर्मी से जुड़े लोग और दलित संगठनों के पदाधिकारी और बुद्धिजीवियों द्वारा हिस्सा लेने की बात कही जा रही है। शोक सभा में भीम आर्मी अपने अगले कदम का भी खुलासा करेगी। दलित समाज के लोगों से 27 मई को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।
हिम्मत है तो लकीर खींच लें, मौत पर जश्न मनाने वाले
सहारनपुर। शनिवार को रामनगर में सचिन वालिया का तीजा कार्यक्रम हुआ। सचिन के बड़े भाई और भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने कहा कि कुछ लोग भाई सचिन की मौत पर जश्न मना रहे हैं। बाकायदा वीडियो वायरल कर रहे हैं।
ऐसे लोगों को मेरा चैलेंज है कि यदि उनमें दम है तो लकीर खींच कर आमने-सामने आ जाएं। प्रशासन और शासन इसलिए हठधर्मिता कर रहा है, क्योंकि हमारा समाज अभी सो रहा है। हमें जागना होगा। अपनी ताकत को बरकरार रखना होगा और मुंहतोड़ जवाब देना होगा। कहा कि हम बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के अनुयायी हैं, कानून का पालन करते हैं।
मगर इसका मतलब यह नहीं है कि हम मरना और मारना नहीं जानते हैं। कमल वालिया की एक-एक बात का सामने बैठे जन समूह ने तालियां बजाकर और जय भीम के नारे लगाकर समर्थन किया।