सहारनपुर। कोरोना संक्रमण और कर्फ्यू की वजह से ज्यादातर शादी समारोह स्थगित हो गए हैं। इसका सीधा असर बैंडबाजा, फूलों और सजावट के कारोबार पर पड़ा है। यहां घोड़ा बग्गी वालों को घोड़ी के चारे का खर्चा निकलना भी मुश्किल हो गया।
इन दिनों शादियों का बंपर साया है। अक्षय तृतीय से 18 जुलाई तक शादियों के 31 शुभ मुहूर्त हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने और कर्फ्यू लगने की वजह 80 प्रतिशत शादियां स्थगित हो गई है। प्रशासन की ओर से भी 25 लोगों की मौजूदगी में शादी करने की अनुमति है। ऐसे में लोग घरों या फिर किसी छोटी धर्मशाला में ही सूक्ष्म कार्यक्रम बिना बैंडबाजे व बिना डीजे के ही कर रहे हैं। ऐसे में बरातों का आयोजन भी नहीं हो पा रहा और सजावट भी नहीं कराई जा रही है। इस वजह से कई तरह का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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घर से ही खर्च कर रहे चारे के पैसे
कोर्ट रोड स्थित एक बैंड के सलीम खान का कहन है कि उनका बैंड और घोड़ी व बग्घी भी है। पिछले वर्ष लॉकडाउन से ही काम न के बराबर है। बीच में जब स्थिति सामान्य हुई थी तो कुछ काम मिला था, लेकिन अब कार्य नहीं है। घोड़ियों के चारे का पैसा भी वह घर से ही खर्च कर रहे हैं। हालात सामान्य होते तो एक दिन में दो से तीन बुकिंग मिलती थी।
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फूलो कारोबार पर पड़ा बड़ा असर
सहारनपुर। शादी समारोह न होने की वजह से फूलों के कारोबार भी बड़ा असर पड़ा है। बैंक्वेट हाल, होटल और रिसोर्ट बंद पड़े हैं। शादी समारोह आयोजित होने पर सजावट के लिए फूलों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब कारोबार बिल्कुल नहीं है। जोगियान फूल कारोबारी इंतजार व इम्तियाज ने बताया कि कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है। इन दिनों शादियों का अच्छा साया है, लेकिन समारोह स्थगित हैं। पहले एडवांस बुकिंग होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
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डीजे सिस्टम काम भी ठप
सहारनपुर। इसी तरह डीजे सिस्टम काम भी ठप पड़ा है। डीजे संचालक मनीष व दीपक सेठी का कहना है कि कोरोना काल के बाद से काम न के बराबर है। पिछले वर्ष लॉकडाउन के बाद स्थिति सामान्य होने पर कुछ काम मिला था, लेकिन अब काम ठप है।