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मौसम के साथ कर्ज की मार, किसान लाचार

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सुधीर कुमार - फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। पेराई सीजन का आधे से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन इस सीजन तो क्या पिछले सीजन का बकाया भुगतान भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है। भुगतान न होने के कारण किसान कर्ज के पैसे नहीं चुका पा रहे हैं। उन पर रिकवरी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिले की छह चीनी मिलों पर अब भी 300 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। वहीं, मौसम की खराबी और गन्ने की पर्चियों से लेकर अन्य समस्याओं ने भी किसानों को परेशान किया है।
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मौजूदा सीजन में ही पिछले दो माह के अंदर ही चीनी मिलों को कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद अब तक भुगतान पूरा नहीं हो पाया है। जिले की छह मिलों ने अब तक खरीदे गए गन्ने के मूल्य का करीब 50 प्रतिशत ही भुगतान किया है। समय पर गन्ना मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं।
14 दिन का नियम, महीनों का इंतजार
- गन्ना खरीद अधिनियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान करने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर बकाया गन्ना मूल्य पर किसान को ब्याज देने का नियम भी है। इसके बावजूद अधिकांश शुगर मिलें समय पर गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोताही बरतती हैं। नतीजा यह कि किसानों को महीनों तक भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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---जनपद की शुगर मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य---
मिल-----------बकाया गन्ना मूल्य
गागलहेड़ी---------24.28 करोड़ रुपये
सरसावा------------26.25 करोड़ रुपये
देवबंद-------------32.79 करोड़ रुपये
गांगनौली---------131.19 करोड़ रुपये
शेरमऊ------------66.55 करोड़ रुपये
नानौता------------44.90 करोड़ रुपये
बैंकों और विद्युत निगम की आरसी ज्यादा
- जिले की पांच तहसीलों में आरसी के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि 60 फीसदी से ज्यादा आरसी बैंकों और विद्युत निगम की ओर से जारी की गई है। तहसील स्तर पर हर माह 60 से 150 किसानों को आरसी जारी की जा रही है। मगर गन्ने का भुगतान न होने के कारण न तो बैंक के कर्ज का और न ही बिजली या अन्य विभागों की आरसी से किसान मुक्त हो पा रहे हैं। पिछले दिनों किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बताया था कि 100 में से 15 से 20 किसान कर्ज और बिजली बिलों के लिए नोटिस झेल रहे हैं।
दावे बहुत हुए, भुगतान कम रहा
- गन्ने के बकाया भुगतान के लिए शासन प्रशासन की ओर से दावे तो बहुत किए गए, मगर भुगतान कम ही हुआ है। पिछले सत्र तक का बकाया चल रहा है। वहीं, मौसम का भी कुछ असर पड़ा है।
- अरुण राणा, किसान नेता।
भुगतान की समस्या ज्यादा, मौसम का कम असर
- गन्ने की बकाया भुगतान की समस्या ज्यादा है। मौसम ने कुछ परेशान जरूर किया है। मगर इसका असर कम रहा है। कई किसानों को रिकवरी नोटिस से जूझना पड़ा है।
- सुधीर कुमार, किसान, चिलकाना
बैंकों के साथ अन्य विभाग काट रहे आरसी
- बकाया भुगतान न होने के कारण बिजली, बैंक और अन्य विभाग वाले किसानों की आरसी काट रहे हैं। अपने क्षेत्र में ही हर माह 10 से 20 किसानों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है।
- सुखपाल सिंह, किसान, बड़गांव
मौसम का भी रहा असर
- बेहट सहित कुछ अन्य तहसीलों में इस बार खराब मौसम का अधिक असर रहा है। इन क्षेत्रों में गन्ने का उठान देरी से हुआ और अन्य फसलों पर भी कुछ हद तक असर पड़ा। - अनिल, किसान, मुसैल।
मिलों को जारी किए जा रहे नोटिस
- जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि बकाएदार सभी चीनी मिलों को नोटिस जारी कर जल्द ही बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसान अनिल राणा- फोटो : SAHARANPUR

किसान सुखपाल- फोटो : SAHARANPUR

किसान अरूण राणा- फोटो : SAHARANPUR

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