सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भवती ने दम तोड़ दिया। खास बात यह है कि बच्चा भी महिला के पेट ही में रह गया। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
मुजफ्फराबाद क्षेत्र की गर्भवती को प्रसव पीड़ा के चलते बृहस्पतिवार की शात जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला के पेट में दो बच्चे पल रहे थे। चिकित्सकों ने सामान्य तरीके से एक बच्चा तो रात नौ बजे पैदा करा दिया। आरोप है कि दूसरा बच्चा पेट में ही छोड़ दिया गया। गर्भवती ने तड़पते हुए रात करीब 11 बजे दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। आरोप है कि चिकित्सकों की लापरवाही के चलते ऐसा हुआ है। उधर, सीएमएस डॉ. ममता सोढ़ी ने बताया कि महिला सात माह की गर्भवती थी। ऊपर से दो बच्चे पेट में होने की वजह से बच्चे सही से विकसित नहीं हो सके थे। महिला में खून की भी बेहद कमी थी। चिकित्सकों को ऑपरेशन करने में खतरा नजर आ रहा था। ऐसे में सामान्य प्रसव कराने की कोशिश की गई। जब रात नौ बजे एक बच्चा सामान्य तरीके से पैदा हो गया तो, उम्मीद थी कि दूसरा बच्चा भी हो जाएगा। ऐसे में चिकित्सकों ने बिना ऑपरेशन के ही दूसरा भी बच्चा पैदा कराने की कोशिश की, मगर महिला ने उससे पहले ही दम तोड़ दिया। डॉ. सोढ़ी ने चिकित्सकों पर लग रहे लापरवाही के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि जो बच्चा हो चुका था उसे मशीन में रखा गया है।