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बेहडा में बुखार से फिर मौत, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप

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Death in fever due to fever, Health Department set up camp
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छुटमलपुर (सहारनपुर)। मुजफ्फराबाद पीएचसी के गांव बेहड़ा संदल सिंह में बुखार का कहर थम नहीं रहा है। बुधवार को फिर एक युवक की बुखार से मौत हो गई। वह यमुनानगर के अस्पताल में भरती था। दो दिनों में लगातार दो मौतों से हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कैंप लगाया। इस दौरान दो रोगियों की हालत ज्यादा खराब पाए जाने पर उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भरती कराया गया। मलेरिया की स्लाइड बनाई गई और डेंगू की जांच के लिए खून के नमूने भी लिए गए। गांव में फागिंग भी कराई गई।
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बेहड़ा संदल सिंह गांव में गत दिवस भी बुखार से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी। बुधवार को भी यमुनानगर अस्पताल में भरती गांव के बुखार पीड़ित 28 वर्षीय मेहताब पुत्र पादा खरादी ने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार उसे आठ दस दिन से बुखार आ रहा था। उसे पीजीआई चंडीगढ़ भरती कराया गया था। जहां दो दिन पहले चिकित्सकों ने उसे जवाब दे दिया था जिसके बाद उसे यमुनानगर में भरती कराया गया था। युवक की मौत के बाद एक बार फिर गांव में दहशत का माहौल हो गया है। बता दें कि पिछले पखवाड़े में दस से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हो कर अकाल मौत का शिकार इस गांव में हो चुके हैं। कुछ दिन शांति रहने के बाद दो दिनों में दो मौत होने के बाद अब भी भय का माहौल है। बुखार से मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम डा विनय कुमार की अगुवाई में गांव पहुंची और शिविर लगा कर 70 लोगों की जांच की। जांच के दौरान दो रोगियों मोहिबा पुत्री इसलाम और मिस्बाह पुत्री कामिल की हालत बेहद गंभीर पाए जाने पर टीम ने तत्काल एंबुलेंस बुला कर उन्हें जिला अस्पताल भेजा। डा विनय कुमार ने बताया कि टीम ने 16 स्लाइड मलेरिया की बनाई हैं और 18 रोगियों के खून के नमूने डेंगू की जांच के लिए इकट्ठा किए। उन्होंने बताया कि गांव में फागिंग भी कराई गई है। गांव के केतन राणा, ठाठ सिंह राणा, अजय पुंडीर आदि ग्रामीणों ने गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित रुप से चिकित्सक की तैनाती करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि बुखार पर नियंत्रण पाते हुए गांव में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
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