शब्बीरपुर में दिनभर तनाव, नहीं निकली शोभायात्रा
बड़गांव (सहारनपुर)। शब्बीरपुर गांव में संत रविदास जयंती शोभायात्रा पुराने रास्ते से ही निकालने की जिद पर अड़े अनुसूचित जाति के लोगों ने शोभायात्रा निकालने से इंकार कर दिया। बृहस्पतिवार दोपहर तक पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने कोर्ट के आदेश का हवाला देकर ग्रामीणों से कई दौर की वार्ता की, लेकिन वे पुराने रूट पर ही शोभयात्रा निकालने की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार शोभायात्रा कार्यक्रम स्थगित हो गया। अधिकारी लौट गए लेकिन गांव में पुलिस तैनात है।
पांच मई 2017 को बड़गांव थाना क्षेत्र के शब्बीरपुर गांव में जातीय संघर्ष हो गया था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही प्रशासन ने दोनों पक्षों की सहमति से शोभायात्रा का नया रूट तय किया था। 2018 और 2019 में उसी रूट से शोभायात्रा शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गई थी। लेकिन 2020 में अनुसूचित जाति पक्ष के लोगों ने पुराने रूट से यात्रा निकालने की अनुमति की मांग की। इन्होंने कहा कि पुराने रूट से शोभायात्रा नहीं निकलने देना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इसलिए या तो पुराने रूट से यात्रा निकालने दी जाए या फिर आयोजन नहीं करेंगे।
इसी के मद्देनजर बृहस्पतिवार सुबह अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह, एसपी देहात अतुल शर्मा, एसडीएम रामपुर मनिहारान एसएन शर्मा, तहसीलदार नितिन राजपूत सहित कई थानाध्यक्ष फोर्स के साथ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने संत रविदास मंदिर परिसर में बैठक कर शोभायात्रा के आयोजक ग्राम प्रधान शिवकुमार, सुदेश, अग्नि भास्कर, मनवीर, नरेश व फकीर चंद आदि से बात की। अधिकारियों ने कहा कि अनुमति में जो रूट निर्धारित है, उससे शोभायात्रा निकालें। मनवीर, सुदेश कुमार, अग्नि भास्कर, नरेश आदि ने कहा कि परंपरागत रूट पर शोभायात्रा निकालने से दूसरे वर्ग के लोगों को भी दिक्कत नहीं है। वे अपने मौलिक अधिकार के तहत उसी पुराने रूट से शोभायात्रा निकालेंगे। इस तरह कई दौर की वार्ता चली, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद शोभायात्रा कार्यक्रम नहीं हो सका।
चप्पे-चप्पे पुलिस और आरआरएफ रही तैनात
बृहस्पतिवार को पूरा दिन शब्बीरपुर गांव छावनी में तब्दील रहा। अनुसूचित जाति की बस्ती से लेकर गांव में हर चौराहे और गांव को जोड़ने वाले मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा। आरआरएफ के जवान भी तैनात रहे। सुरक्षा की दृष्टि से देवबंद, गंगोह, नानौता, तीतरो, रामपुर मनिहारान, नागल व बड़गांव सहित करीब सात थानों की पुलिस बुलाई गई थी।
गांव के अंदर और बाहर पुलिस तैनात
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एसबी सिंह और एसपी देहात अतुल शर्मा का कहना है कि रूट को लेकर अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र डाला था, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया और प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट को सही माना। गांव में पूरी तरह से शांति है। सुरक्षा के लिहाज से गांव के अंदर और बाहर पुलिस बल तैनात किया है।
बड़गांव के शब्बीरपुर में तैनात पुलिस बल- फोटो : SAHARANPUR
निर्धारित रुट पर तैनात किए गए पुलिसकर्मी- फोटो : SAHARANPUR