देवबंद। देवबंद से आतंकियों की गिरफ्तारी होने के बाद इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम ने भी यहां प्रवेश के लिए आने वाले छात्रों के लिए नियम सख्त कर दिए थे। करीब दो वर्ष पूर्व प्रबंधतंत्र ने यह निर्णय लिया था कि जो भी छात्र प्रवेश के समय दस्तावेज जमा कराएंगे, उन सभी को सत्यापन के लिए खुफिया विभाग के पास भेजा जाएगा।
देवबंद में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर हर समय खुफिया विभाग की तमाम इकाइयों की नजरें यहां गड़ी रहती हैं। दीनी तालीम का प्रमुख केंद्र दारुल उलूम देवबंद में स्थित है, जिसमें देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी छात्र तालीम हासिल करने के लिए आते हैं। संस्था प्रबंधतंत्र अपनी ओर से सभी छात्रों का पूरा तरह सत्यापन करने के बाद ही उसे प्रवेश देता है। लेकिन वर्ष 2019, 2022 और वर्ष 2024 में देवबंद से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद दारुल उलूम प्रबंधन ने सुरक्षा के कदम उठाते हुए संस्था में प्रवेश पाने के लिए आने वाले छात्रों के लिए नियमों को सख्त कर दिया था।
करीब दो वर्ष पूर्व प्रबंधतंत्र ने निर्णय लिया था कि छात्रों को प्रवेश के समय अपने साथ ही पिता का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, चरित्र प्रमाण पत्र समेत जनप्रतिनिधि का लिखा पत्र जमा कराना होगा।
इतना ही नहीं नियम को ओर कड़ा करते हुए यह भी निर्णय लिया गया था कि सभी दस्तावेजों को सत्यापन के लिए खुफिया विभाग के पास भेजा जाएगा। यदि इसमें कोई गड़बड़ी मिलती है तो प्रवेश नहीं मिलेगा और संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।