यूपी अल्पसंख्यक आयोग ने मामले में संस्था को नोटिस भेजकर मामले में पक्ष रखने के लिए 21 जून को आयोग के समक्ष पेश होने को निर्देशित किया था। जिसको लेकर शिक्षा विभाग के प्रभारी मौलाना हुसैन हरिद्वारी ने लिखित में जवाब दिया है। कहा गया कि दारुल उलूम में कंप्यूटर, साइंस, गणित, इंग्लिश और हिंदी सहित अन्य विषय छात्रों को पहले से ही पढ़ाए जाते हैं। संस्था में किसी भी भाषा के सीखने पर कोई पाबंदी नहीं है।
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वहीं, आगे मौलाना हुसैन ने कहा कि संस्था में पढ़ने वाले छात्र डिग्री हासिल करने के लिए किसी दूसरे संस्थान में प्रवेश नहीं लेंगे। कानूनन भी इसकी इजाजत नहीं होती है। मौलाना हुसैन हरिद्वारी ने बताया कि जवाब में बताया गया है कि लिपिकीय त्रुटि की वजह से भ्रम के हालात पैदा हुए। उनके जवाब पर आयोग ने संतुष्टि जताई है।