सहारनपुर। पेराई सत्र समाप्त हो गया और जनपद के किसान बकाया गन्ना मूल्य पाने के लिए तरस रहे हैं। जिले की छह में से सिर्फ देवबंद चीनी मिल ने ही खरीदे गए गन्ने का पूरा भुगतान किया है। जबकि अन्य पांच शुगर मिलों पर 561 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना भुगतान बकाया है।
शासन, प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हुए हैं। पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी किसानों को पूरा गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हुआ है। जिले में सिर्फ देवबंद चीनी मिल ने ही पूरा गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। गांगनौली मिल ने अभी तक 29.98 प्रतिशत, शेरमऊ ने 86.99 प्रतिशत, गागलहेड़ी ने 45.17 फीसदी ही भुगतान किया है। सहकारी क्षेत्र की नानौता ने 58.79 प्रतिशत और सरसावा ने 58.01 प्रतिशत भुगतान किया है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने के चलते किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। ग्राम हलगोवा के किसान इस्लामुलहक, नंदी के प्रदीप नंबरदार का कहना है कि शासन जल्द से जल्द बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराए। साथ ही बकाया गन्ना मूल्य पर नियमानुसार ब्याज भी दिलाए।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए बकाएदार मिलों को नोटिस भेजे गए हैं। जिसमें उन्हें बकाया गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद की मिलों पर करीब 561 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य के अवशेष हैं। उम्मीद है कि चीनी मिल भुगतान में तेजी लाएंगी। - डॉक्टर आरडी द्विवेदी, जिला गन्ना अधिकारी
चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य
मिल बकाया
गांगनौली 251.79 करोड़ रुपये
शेरमऊ 39.42 करोड़ रुपये
गागलहेडी 87.40 करोड़ रुपये
नानौता 111.08 करोड़ रुपये
सरसावा 72.03 करोड़ रुपये
नोट: गन्ना विभाग के 17 जून के आंकड़ों के अनुसार।