- बीते वर्ष के मुकाबले छह हजार हेक्टेयर अधिक है गन्ने का रकबा
- 27 अक्तूबर से चीनी मिलों में पेराई शुरू कराने की है कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद में इस बार गन्ना क्षेत्रफल में करीब छह हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते करीब 30 लाख क्विंटल अधिक गन्ना उत्पादन होने की संभावना है। ऐसी दशा में शुगर मिलों पर गन्ना पेराई का दबाव रहेगा।
गन्ना रकबा और उत्पादन के अनुमान को देखते हुए ही इस बार गन्ना विभाग जिले में 27 अक्तूबर से पेराई शुरू कराने की कवायद में जुटा है, जबकि गत सीजन में दो से 14 नवंबर के बीच मिलों का संचालन हुआ था। इसके अलावा जिले में खांडसारी की तीन इकाइयां और करीब 300 कोल्हू भी पेराई करेंगे।
जनपद में इस बार 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती है। जो गत वर्ष से करीब छह हजार हेक्टेयर अधिक है। इसके चलते गन्ना उत्पादन में भी करीब 30 लाख क्विंटल बढ़ोतरी होने की संभावना है। जिले में छह शुगर मिलें पेराई के लिए तैयार हो रही हैं। हालांकि कोल्हू और खांडसारी की संख्या बढ़ने से गन्ना पेराई का दबाव कुछ कम होगा। जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस बार करीब छह हजार हेक्टेयर गन्ना अधिक है। लगभग 30 लाख क्विंटल गन्ना अधिक होने की संभावना है। शुगर मिलों में पेराई सत्र शुरू कराने की तैयारी है। मिलों को उनकी पूरी क्षमता पर चलवाया जाएगा।
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-- गत पेराई सत्र की स्थिति --
गन्ना क्षेत्रफल ----- 1.00300 लाख हेक्टेयर
गन्ना पेराई ------- 520 लाख क्विंटल
उत्पादकता --- 837 क्विंटल प्रति हेक्टेयर
चीनी उत्पादन ------ 57.08 लाख क्विंटल
औसत शुगर रिकवरी ---- 11.01 प्रतिशत
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--जनपद की मिलों की पेराई क्षमता (टीडीसी में)--
चीनी मिल --------- पेराई क्षमता
देवबंद ------------- 14000
गांगनौली ---------- 9000
शेरमऊ ------------ 7000
गागलहेड़ी --------- 5000
नानौता ------------ 5000
सरसावा ----------- 2750
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खांडसारी इकाइयों की पेराई क्षमता प्रतिदिन
चौंदाहेड़ी -------- 5000 क्विंटल
मिर्जापुर -------- 1500 क्विंटल
नल्हेड़ा गुर्जर ---- 2000 क्विंटल (नया लाइसेंस)