लखनौती के कुंडा कला में यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर। संवाद
लखनौती। पहाड़ी इलाकों में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। इससे किसानों की फसलें जलमग्न होती जा रही हैं। उधर, लखनौती में पशुशाला की छत गिरने से दो पशु मलबे में दबकर घायल हो गए।
यमुना नदी के तेज बहाव की वजह से दौलतपुर, सिराजपुर, बेगी, कुंडा खुर्द, नागल और तितारपुर के तटीय इलाकों में भारी भूमि कटाव शुरू हो गया है, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो रही है। फसल और जमीन डूबने के डर से हताश किसान अब खेतों में खड़े पेड़ों को काटने को मजबूर हैं, ताकि उन्हें बहने से बचाकर कुछ आर्थिक राहत मिल सके। ग्रामीणों ने फसलों और आजीविका पर मंडराते संकट को देखते हुए प्रशासन से तुरंत सुरक्षात्मक बांध बनाने और प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग की है।
उधर, शनिवार को नजाकत खान की पशुशाला की छत गिरने से अंदर बंधी एक भैंस और उसकी बछिया मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। मलबा गिरने की तेज आवाज और शोर सुनकर मौके पर पहुंचे मोहल्ले के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मलबा हटाया और दोनों पशुओं को बाहर निकाला। पशु चिकित्सक द्वारा घायल मवेशियों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा, खेत में बने रठान पर बने एक कमरे की दीवार भी गिर गई।