जिला अस्पताल में भर्ती महिला की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने आपा खोते हुए वरिष्ठ चिकित्सक के साथ मारपीट कर दी। इससे गुस्साए चिकित्सकों ने काम ठप कर हड़ताल शुरू कर दी।
अस्पताल में घंटो हंगामा होता रहा। मौके पर पहुंची पुलिस भी मूकदर्शक बनी रही। हालांकि बाद में आरोपी पक्ष की ओर से चिकित्सक को माफीनामा लिखकर दिया गया है, जिसके बाद चिकित्सक समझौते को राजी हो गए। समझौते के बाद चिकित्सक काम पर लौट आए हैं।
नदीम कॉलोनी निवासी फरजाना पत्नी जाहिद को दर्द की हालत में बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। इसके बाद परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ सर्जन डॉ. रमेश चंद्रा के साथ मारपीट कर दी।
इसे लेकर अस्पताल में हंगामा हो गया। घटना से नाराज अस्पताल के चिकित्सकों ने काम बंद कर दिया और हड़ताल शुरू कर दी। सभी चिकित्सक सीएमएस डॉ. आशा शर्मा के ऑफिस पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी दी।
आपस में सलाह मशविरा करने के बाद पीड़ित चिकित्सक की ओर से साजिद नाम के युवक के खिलाफ थाना जनकपुरी में तहरीर दी गई, जिस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया।
इसके बाद आरोपी पक्ष के लोग अस्पताल में इकट्ठा होते चले गए। मृतका के परिजनों का आरोप था कि चिकित्सक द्वारा गलत इंजेक्शन देने की वजह से महिला की जान गई है। इसके बाद लोगों के बुलावे पर मौलवी फरीद समेत अनेक लोग अस्पताल जा पहुंचे, जिनके करीब दो घंटों के प्रयास के बाद चिकित्सक समझौते को राजी हुए।
बताया गया है कि समझौते के लिए आरोपी पक्ष की ओर से चिकित्सक को माफीनामा दिया गया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी युवक को भी छोड़ दिया। समझौते के बाद चिकित्सक काम पर लौट आए। थाना प्रभारी यशपाल सिंह ने भी दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात कही है।
सीएमएस के समक्ष कर्मचारी को धमकी ः घटना के बाद आरोपी पक्ष के दो दर्जन से अधिक लोग सीएमएस डॉ. आशा शर्मा के ऑफिस में जमा थे, जो उन्हें समझौता कराने के लिए मना रहे थे। इसी दौरान भीड़ में शामिल एक व्यक्ति जिला अस्पताल के एक कर्मचारी को डॉ. रमेश चंद्रा को बुलाकर लाने की बात कहने लगा, जिसपर कर्मचारी ने मना कर दिया।
इसके बाद उक्त व्यक्ति ने कर्मचारी को समझौता न होने की स्थिति में देख लेने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उन्होंने सीएमएस पर भी एक नेता के बारे में गलत टिप्पणी करने का आरोप लगा दिया। ऐसी हालत में सीएमएस घटना से अपना पल्ला झाड़ती नजर आईं।
सीएमएस पर दबाव बनाते दिखे थाना प्रभारी
भीड़ द्वारा सीएमएस डॉ. आशा शर्मा पर एक पूर्व विधायक के बारे में गलत टिप्पणी करने का आरोप लगाने के बीच थाना जनकपुरी प्रभारी यशपाल सिंह सीएमएस के दफ्तर पहुंचे।
उन्होंने जाते ही सीएमएस से पूछा कि आपने पूर्व विधायक साहब के बारे में गलत टिप्पणी क्यों की। ऐसे में महिला सीएमएस थाना प्रभारी के सामने सफाई देती नजर आईं। थाना प्रभारी बार-बार पूर्व विधायक के नाम में साहब लगाकर संबोधित कर रहे थे, जिसकी वजह से सीएमएस घबरा गईं और खुद को घटना से अलग कर लिया। उनका कहना था जिस चिकित्सक से मारपीट हुई है। वही समझौते के बारे में फैसला लेंगे।
मरीजों को हुई परेशानी
चिकित्सक के मारपीट के बाद दोपहर करीब एक बजे सभी चिकित्सकों ने ओपीडी बंद कर हड़ताल शुरू कर दी थी। घटना के दौरान लगभग सभी ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी थीं, मगर हड़ताल की वजह से मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। इनमें कई मरीज शहर के थे तो अनेक देहात क्षेत्र से आए थे, जिनको हड़ताल की वजह से खासी परेशानी उठानी पड़ी।
पुलिस बनी रही मूकदर्शक
मौके पर पहुंचे कुछ नेता मामला शांत कराने की बजाय उसे तूल देने में जुटे रहे। वहां एसओ जनकपुरी सहित अन्य पुलिस फोर्स दूर खड़ी तमाशबीन बने रहे। हालांकि कुछ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। मगर, पुलिस ने दोनों ही पक्षों को निराश किया।