सहारनपुर के गागलहेड़ी में हथियारों से लेस करीब आधा दर्जन से ज्यादा बेखौफ बदमाशों ने मंगलवार की रात दया शुगर मिल के पास दो सगे भाइयों के परिवार को बंधक बनाकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया।
बच्चों को गन प्वाइंट लेकर बदमाश करीब ढाई घंटे तक घर को खंगालते रहे। लाखों रुपये कीमत के गहने, करीब 65 हजार की नकदी, पांच मोबाइल सहित अन्य कीमती सामान बदमाश ले गए।
जाते हुए बदमाशों ने किसी को इसकी सूचना देने पर भुगतने की धमकी भी दी। बदमाशों के जाने के बाद भी पीड़ित परिवार के लोग बाहर आने की हिम्मत नहीं कर सके। सुबह पांच बजे दरवाजा तोड़ कर पीड़ित बाहर आए और पुलिस को खबर की। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
चुनहेटी खरखड़ी निवासी किसान ज्ञानचंद पुत्र जाधोराम का गागलहेड़ी में दया शुगर मिल के पास घर है। इसी परिसर में उनके दो बेटे रविन्द्र और संजय का परिवार रहता है।
मंगलवार की रात करीब दो बजे पीछे के रास्ते से दीवार में सेंधमारी कर करीब नौ बदमाश घर में घुस आए। बदमाशों ने अंदर घुसते ही ज्ञानचंद और उनके पोते को उठाया और अंदर सो रहे पहले रविन्द्र और फिर संजय के परिजनों को बारी-बारी से जगाया।
करीब छह साल के बच्चे को गन प्वाइंट पर लेकर परिवार के सभी सदस्यों से मोबाइल ले लिया। इसके बाद बदमाशों ने सभी एक कमरे में बंद कर शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दे दी।
इसके बाद ढाई घंटे तक बदमाश पूरे घर को खंगालते रहे। इसके बाद वे अपने साथ 10 लाख रुपये कीमत के जेवर, एक लेपटॉप, पांच मोबाइल सहित अन्य कीमती सामान समेट कर छत के रास्ते ही फरार हो गये। दहशत में आया परिवार बाहर आने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सुबह पांच बजे दिन निकलने पर पीड़ितों ने दरवाजा तोड़ा और बाहर निकलकर पुलिस को सूचना दी गई।
पीड़ित के अनुसार बदमाशों ने अपने मुंह ढक रखे थे। इनमें सभी की उम्र 30- 35 साल थी। घर में घुसने के बाद बदमाशों ने कहा था कि एक साथी को गोली लगी है और पुलिस पीछा कर रही है। ऐसे में बदमाशों की भाषा भी लोकल ही लगी थी।
गागलहेड़ी में लगभग एक दर्जन डकैतों ने घर को चारों ओर से घेरकर घटना को अंजाम दिया। घर के अंदर ही 9 डकैत हथियारों के साथ घुसे थे और परिजनों को बंधक बनाकर पूरे घर को खंगाल डाला था।
लेकिन पुलिस ने डकैती की इतनी बड़ी वारदात को लूट की घटना मान लिया और अपने मुताबिक तहरीर लिखवाकर मामला लूट में दर्ज कर लिया। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
एसएसपी सुभाष चंद दुबे का कहना है कि तहरीर के आधार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। तहरीर लिखवाने में लगे आरोपों की उन्हें जानकारी नहीं है। ऐसा कोई मामला है तो उन्हें शिकायत करें।