तीन माह पूर्व दलित राजपूत संघर्ष को लेकर एक पखवाड़े तक सुर्खियों में रहे घड़कौली गांव में मंगलवार की रात अराजक तत्वों ने गोगा म्हाड़ी के थान क्षतिग्रस्त कर दिए।
मगर, ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण माहौल में खुद ही थानों का पुनर्निर्माण करा लिया। उधर, गागलहेड़ी में गोगा म्हाडी की हाल ही में बनाई गई चारदीवारी को अवैध बताते हुए जिला पंचायत ने उसे तुड़वा दिया। साथ ही जेई की तहरीर पर म्हाडी भक्त के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
गांव के बाहर जहारवीर गोगा जी महाराज की म्हाड़ी बनी हुई है। मंगलवार रात असामाजिक तत्वों ने रात के समय म्हाडी के थान तोड़ डाले। बुधवार सुबह के समय पूजा करने के लिए पहुंचे पुजारी और ग्रामीणों ने जब थानों को टूटा देखा तो उनमें आक्रोश पैदा हो गया।
म्हाड़ी भक्त राकेश ने इसकी सूचना ग्रामीणों को दी। भीड़ मौके पर पहुंच गई और प्रधान ने पुलिस को मामले की खबर की तो हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसओ पुलिस बल लेकर गांव पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत किया।
मौके पर ही थानों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरु कराया गया। एसओ कुलदीप सिंह ने बताया कि अभी मामले मेें कोई तहरीर नहीं आई है। फिर भी पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। उधर, गागलहेड़ी स्थित गोगावीर म्हाड़ी पर मरम्मत और जानवरों को रोकने के लिए हाल ही में चारदीवारी का निर्माण कराया गया था।
निर्माण कार्य अभी चल ही रहा था कि जिला पंचायत के जेई मुकेश कुमार ने म्हाड़ी भक्त डबला कश्यप के खिलाफ थाने में अतिक्रमण कर अवैध निर्माण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। मंगलवार देर शाम पुलिस बल लेकर जिला पंचायत के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और चारदीवारी गिरवा दी।
पुलिस ने डबला कश्यप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। डबला कश्यप के परिजनों का आरोप है कि जेई जब चारदीवारी तुड़वाने आए तो उनका आचरण अमर्यादित था। भाजपा नेता महिपाल वाल्मीकि, विनीत गुप्ता, अरुण यादव, देवकी नंदन आदि ने जिला पंचायत जेई को निलंबित करने की मांग की है।