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एक जमीन के कर दिए दो बैनामे, फंस गया पेंच

Sun, 21 Aug 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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बैनामा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में बेहट तहसील बेहट क्षेत्र के गांव हैदरपुर हिंदूवाला निवासी प्रमोद कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह ने राजस्व परिषद के अध्यक्ष से की शिकायत में बताया कि उसने गांव के ही मोसीन और मुस्तकीम पुत्रगण यासीन से 29 जनवरी 2013  में कुछ भूमि का सौदा एक लाख में तय किया था।
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उसे दोनों भाईयों को  50-50 हजार रुपये देने थे।  ग्रामीण ने बताया कि इसी दिन उसने बतौर ब्याना दोनों भाईयों को 45-45  हजार रुपये देकर इकरारनामा पंजीकृत करा लिया था। बैनामा पंजीकृत कराने की मियाद दोनों पक्षों की सहमति से तीन साल तय करार पाई थी।

आरोप है कि 23  मार्च 2015 को दोनों भाईयों ने जालसाजी कर धोखाधड़ी से उक्त भूमि का बैनामा मिश्र नगर सहारनपुर निवासी उषा रानी भार्गव के नाम पंजीकृत करा दिया। उसे इसी दिन इस फर्जीवाड़े की खबर लग गई। उसने तत्काल दाखिल खारिज की  कार्रवाई में आपत्ति दर्ज कराई।
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तहसीलदार न्यायालय में दाखिल खारिज का वाद  दायर होने के बाद उसने दोनों भाईयों के खिलाफ  फौजदारी न्यायालय  सहारनपुर में धोखाधड़ी का वाद दायर किया। न्यायालय के आदेश पर उसकी तरफ से आरोपियों मोसीन व मुस्तकीम पुत्रगण यासीन के खिलाफ बेहट कोतवाली में मुकदमा  पंजीकृत कराया गया। 

 तहसीलदार बेहट के न्यायालय में दाखिल खारिज के वाद  में जेएम प्रथम सहारनपुर द्वारा आदेश की प्रमाणित  प्रतिलिपि प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि दोनों व्यक्तियों के खिलाफ  फौजदारी न्यायालय में मुकदमा दर्ज हो चुका है,

जिससे दस्तावेजी साक्ष्य के अनुरूप साबित होता है। उक्त दोनों आरोपियों ने वादी के साथ जालसाजी एवं  धोखाधड़ी की है। ऐसी स्थिति में उषा रानी भार्गव का दाखिल खारिज किसी भी  सूरत में नहीं किया जा सकता।

वाद की कार्रवाई साक्ष्य एवं सुनवाई में चल रही थी। आरोप है कि तहसीलदार द्वारा न ही तो उसके साक्ष्य प्रस्तुत करने  का अवसर समाप्त किया गया और न ही उसकी सुनवाई का अवसर समाप्त किया गया। 

आरोप है कि तहसीलदार ने रिश्वत लेकर एक जून 2016 को दाखिल खारिज के आदेश  पारित कर दिए और उसे गुमराह करते हुए दाखिल खारिज की कार्रवाई में अग्रिम तिथि मौखिक रूप से बताते रहे।

वह समझता रहा कि वाद में किसी प्रकार का आदेश पारित नहीं किया गया। उसके साथ छल हुआ है। पीड़ित ने तहसीलदार पर  लगाए गए आरोपों की जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 
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