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रातभर की गई थी बच्ची से दरिंदगी

Mon, 11 Jan 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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लेबर कॉलोनी में 11 साल की बच्ची को अगवा कर हत्या किए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली इस वारदात में एक परिचित समेत तीन युवकों ने शराब के नशे में एक झोपड़ी में सारी रात बच्ची के साथ दुराचार किया। वह चीखी तो मुंह और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
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शव ठिकाने लगाने के चक्कर में कुछ दूरी पर ही लाश झाड़ियों में फेंकी गई। पुआल और गीली मिट्टी के सहारे ट्रैकर डॉग ने यह पूरा हत्याकांड खुलवा दिया। रविवार को गिरफ्तार तीन आरोपियों को सामने लाते हुए थाना कुतुबशेर पुलिस और डॉग स्कवॉयड टीम के साथ एसएसपी आरपी यादव ने घटनाक्रम की जानकारी दी।

वारदात का खुलासा करने पर टीम को डीआईजी की ओर से 12000 रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। एसएसपी ने बताया कि पांच दिसंबर को बच्ची को लेबर कॉलोनी में उसके मामा के घर के पास से अगवा किया गया था। सात दिसंबर को उसका शव नकुड़ तिराहे के पास पूजा एंकलेव में झाड़ियों में मिला था।
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शव मिलने के बाद एएसपी संतोष मिश्रा, थाना कुतुबशेर प्रभारी शैलेंद्र कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धीरेंद्र मोहन शर्मा, राजीव शर्मा, जितेंद्र कुमार, ललित कौशिक समेत अन्य कांस्टेबलों की तीन टीमों को वारदात की जांच में लगाया गया।

ट्रैकर डॉग के सहारे झोपड़ी तक पहुंचे  ः एसएसपी ने बताया कि ट्रैकर डॉग ऑकी और फोरेंसिक टीम ने बच्ची के शव की जांच की तो उसकी लाश पर मिले पुआल के कुछ हिस्सों और गीली मिट्टी के सहारे ट्रैकर डॉग के जरिये महज 200 मीटर की दूरी पर टीम एक झोपड़ी के पास गई।

इस झोपड़ी के आसपास के लोगों से बातचीत में खुलासा हुआ कि पास की ही अंबेडकर कॉलोनी निवासी इंद्रजीत को बाइक पर बच्ची ले जाते हुए देखा था। यह भी बताया गया कि इस झोपड़ी में दो तीन साल से इसी कॉलोनी का धर्मवीर उर्फ मिर्ची रहता है। वह और उसके साथी अक्सर यहां शराब पीते हैं। काफी समय से यह झोपड़ी अय्याशी का अड्डा भी हुई थी।

पॉक्सो एक्ट के तहत भी होगी कार्रवाई
एसएसपी ने बताया कि नाबालिग लड़की के साथ शर्मनाक करतूत के साथ ही उसकी जघन्य हत्या के कारण आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा।

इसके अलावा मृतका के नाखून, बालों के अलावा उसके परिधानों की भी साइंटिफिक जांच करवाई गई है, ताकि चार्जशीट दाखिल कर जल्द ही ट्रायल कराकर आरोपियों को सजा दिलवाई जा सके।

खुलासा करने वाली टीम को मिला इनाम ः वारदात का खुलासा करने पर डीआईजी अशोक कुमार राघव ने टीम को 12000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इस टीम में ट्रैकर डॉग और फोरेंसिक टीम के साथ एएसपी संतोष मिश्रा के अलावा थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार, वरिष्ठ निरीक्षक धीरेद्र मोहन शर्मा, उपनिरीक्षक राजीव शर्मा, जितेंद्र कुमार, ललित कौशिक के अलावा मोहम्मद नफीस, गौरव भाटी, भूपेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, महेंद्र सिंह, विनय कुमार, बाबूराम, हरबीर सिंह, विजयवीर सिंह और राजीव कुमार शामिल रहे।

मुख्यमंत्री से की जाएगी आर्थिक मदद दिलाने की मांग
एसएसपी आरपी यादव ने बताया कि तेजाबी हमलों और ऐसी जघन्य वारदातों की शिकार लड़कियों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाई जाती रही है। इस मामले में भी पुलिस और प्रशासन के माध्यम से शासन को मांग भेजी जाएगी। 

मिर्ची ने उगला राज
पुलिस की टीमों ने जब झोपड़ी में रहने वाले धर्मवीर उर्फ मिर्ची से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सारा राज खोल दिया। मिर्ची ने बताया कि अगवा करने वाली रात में ही आठ बजे अंबेडकर कॉलोनी निवासी उसका साथी इंद्रजीत और शिवकुमार बाइक पर लड़की को लेकर झोपड़ी पर पहुंचे।

पास ही एक ठेकेे से शराब पीने के बाद तीनों ने जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया और जब वह चीखने लगी तो गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इंद्रजीत ने बताया कि वह लड़की को पहले से जानता था। चाट खिलाने के बहाने कॉलोनी के पास ही परिचित एक महिला के घर से बाइक लेकर उसे झोपड़ी तक ले गया था। यह महिला अनैतिक कार्यों से जुड़ी रही है और इस समय जेल में है।
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