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सहारनपुर में दो इनामी बदमाश ओमपाल और विक्की ढेर

Mon, 17 Sep 2018 12:50 AM IST
अमर उजाला
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सहारनपुर में मुठभेड़ के दौरान जंगल में कांबिंग करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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सरसावा (सहारनपुर)। अपहरण, फिरौती और हत्या की घटनाओं को लगातार अंजाम दे रहे 50 हजार के इनामी बदमाशों ओमपाल और विक्की उर्फ सुमित को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों बदमाशों ने अपने साथियों के साथ सोराना से रेत-बजरी के ठेकेदार और उसके ट्रक चालक का अपहरण कर लिया था। परिजनों से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। सर्विलांस की मदद से रात में पुलिस ने गांव इब्राहिमपुरा के खेतों में बदमाशों को घेर लिया। दोनों बदमाश पुलिस की गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ में एक दरोगा और एक सिपाही घायल हुआ। दोनों अपहृतों को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। बदमाशों के पास से लूटी गई बाइक, तमंचे और आभूषण बरामद हुए हैं। 
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शनिवार रात लगभग दस बजे गांव सोराना निवासी खनन ठेकेदार उमेश गुर्जर अपने ट्रक चालक तुलसी के साथ बाइक पर किसी काम से गांव कलरी जा रहे थे। जैसे ही दोनों चीनी मिल रेलवे फाटक पार कर कलरी गांव की सड़क पर पहुंचे, तभी घात लगाए बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाश दोनों का अपहरण कर इब्राहिमपुरा के जंगल में ले गए। बदमाशों ने उमेश गुर्जर के घर फोन कर उसके भाई से पांच लाख रुपये की फिरौती लेकर उनके स्थान पर रकम पहुंचाने को कहा। पहले तो घबराहट में परिजनों ने किसी को भी मामले की सूचना नहीं दी। लेकिन जब तलाश करने पर भी दोनों नहीं मिले तो रात दो बजे परिजनों ने सरसावा पुलिस को अपहरण तथा फिरौती के बारे में सूचना दी।  

इस पर पुलिस महकमा हरकत में आ गया। पुलिस टीम ने लोकेशन जांच कर गांव के जंगल में गन्ने के एक खेत को घेर लिया। सुबह लगभग साढ़े तीन बजे कई थाने की पुलिस के अलावा स्वाट और सर्विलांस की टीम भी पहुंच गई और कांबिंग शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस टीमों के करीब आते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से जमकर लगभग एक घंटे तक फायरिंग हुई। बदमाश अपहृतों को छोड़कर भागने लगे। इसके बाद एक टीम ने उमेश और तुलसी को सुरक्षा घेरे में ले लिया। फायरिंग में बदमाशों की गोली लगने से थाना सरसावा में तैनात दरोगा दुष्यंत तथा कांस्टेबल रजनीश घायल हो गए। जब बदमाशों की ओर से गोलियां चलनी बंद हो गईं तो पुलिस की टीम ने गन्ने के खेत में घुसकर देखा। जहां ओमपाल और विक्की गोलियां लगने से घायल हो चुके थे। पुलिस ने दोनों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने ओमपाल और विक्की के पास से दो पिस्टल, एक तमंचा, लूटी गई बाइक और सोने के आभूषण बरामद किए हैं। एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बदमाश ओमपाल पुत्र हजारी निवासी हसनपुर लुहारी थाना थानाभवन, जनपद शामली तथा सुमित उर्फ विक्की पुत्र प्रेमचंद निवासी जलालाबाद थाना थानाभवन जनपद शामली हैं। दोनों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित था।
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रात में गोलियों की आवाज से गूंज उठा इब्राहिमपुरा
सहारनपुर। रात के अंधेरे में अचानक ग्राम इब्राहिमपुरा के जंगल में पुलिस ही पुलिस नजर आने लगी और देखते ही देखते क्षेत्र गोलियों की आवाज से गूंज उठा। पुलिस और बदमाशों के बीच लगभग 25 राउंड फायरिंग हुईं। इनमें से 16 राउंड फायरिंग पुलिस ने की जबकि शेष फायरिंग बदमाशों ने की। ओमपाल और विक्की के मुठभेड़ में मारने जाने से जुर्म के अध्याय का अंत हो गया। सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में इनके गैंग का जबरदस्त आतंक था। छोटी फिरौतियों के लिए अपहरण करते थे और रकम न मिलती देख अपह्त को मार देते थे। 
डेढ़ माह में ही सहारनपुर में लूट, अपहरण, फिरौती की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। बड़गांव क्षेत्र में स्कूल संचालक सुभाष राणा एवं हाफिज उस्मान की अपहरण के बाद हत्या कर पुलिस को भी हिला दिया था। इसके बाद इन पर इनाम की राशि बढ़ते हुए पचास हजार तक पहुंच गई थी। ग्राम इब्राहिमपुरा के जंगल में पुलिस मुठभेड़ में मारे गये पचास हजार के इनामी ओमपाल सैनी और सुमित उर्फ विक्की सहारनपुर व शामली पुलिस के लिए चुनौती बने थे। 
शामली के टॉप टेन अपराधियों की सूची में शामिल और थाना भवन के हिस्ट्रीशीटर ओमपाल के गैंग ने दो अगस्त की रात बड़गांव के स्कूल संचालक सुभाष राणा का अपहरण कर लिया था। उसके घर फोन करके दो लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस के सक्रिय होने पर उनकी हत्या कर फरार हो गए थे। 
करीब एक पखवाड़ा पूर्व ही सरसावा के ग्राम काजीपुरा से 28 अगस्त को एक युवक से बाइक, मोबाइल और नकदी लूट की घटना को अंजाम दिया था। 
उसके अगले ही दिन 29 सितंबर को तड़के ग्राम पिलखनी के पास रेडीमेड गारमेंट के एक व्यापारी का अपहरण कर मोबाइल, नगदी एवं लूट की और उसे बंधक बनाकर खेत में फेंक दिया था। इसी रात यमुनानगर से लौट रहे हाफिज उस्मान व अरशद का अपहरण कर पांच-पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती की मांग पूरी न होते देख उसी रात हाफिज उस्मान की हत्या कर दी थी और अरशद को घायल कर फरार हो गये थे।
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