उप कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने बंदी रक्षक पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई मारपीट में बंदी रक्षक घायल हो गया। बंदी रक्षक ने अपनी जान को खतरा बताते हुए जेल प्रशासन पर भी आरोप लगाए हैं। उसका कहना था कि मारपीट के समय उसने सायरन बजाया लेकिन कोई उसे बचाने नहीं पहुंचा।
शनिवार को सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे स्थित उप कारागार में बंदियों से मिलने वालों की भीड़ जमा थी। इस दौरान हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे कैदी शकील से मिलने उसके परिजन खाना लेकर पहुंचे थे।
बताया जाता है कि वहां बंदी रक्षक नरेश वर्मा ने जांच के दौरान खाने में मीट पाया तो उसने उसे अंदर ले जाने से मना कर दिया, जिस पर कहासुनी होने लगी। नरेश वर्मा का आरोप है कि इसी को लेकर शकील ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। सिर में चोट लगने के चलते वह घायल हो गया। मारपीट से जेल में हड़कंप मच गया।
बंदी रक्षक ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उसका कहना था कि मारपीट के समय उसने सायरन बजाया लेकिन उसे बचाने के लिए कोई नहीं पहुंचा। वहां मौजूद कुछ साथियों ने ही उसे कैदियों के चुंगल से छुड़ाया। सूचना देने के बाद कोई सक्षम अधिकारी वहां नहीं पहुंचा और कार्रवाई के लिए भी कोई तैयार नहीं है।
सब चुप्पी साधे बैठे हैं। उसने जेल में अपनी जान को खतरा भी बताया है। हालांकि बाद में कोतवाल विजय प्रकाश वहां पहुंचे और बंदी रक्षक से पूछताछ की।
सोशल मीडिया पर मारपीट की खबर डाले जाने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए आईजी जेल देवेंद्र चौहान के निर्देश पर शाम करीब पांच बजे वरिष्ठ अधीक्षक (जेल) डा. सेवाराम चौधरी जांच करने उप कारागार पहुंचे। जहां उन्होंने घायल बंदीरक्षक और जेल प्रशासन से पूछताछ की।
अधिकारी कहिन
मैं सहारनपुर गया हुआ था वहीं जानकारी मिली कि गेट पर तैनात सिपाही और कैदी में कहासुनी हो गई है। मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। - वीएस त्रिपाठी, जेलर उप कारागार, देवबंद
सिपाही की गलती से हुई मारपीट
कोतवाल विजय प्रकाश का कहना है कि सिपाही और कैदी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। जिसमें हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगते रहे शकील ने उसके साथ मारपीट की। गलती सिपाही की है। गलत रवैये के चलते ही कुछ दिनों पूर्व उस सिपाही का सहारनपुर से देवबंद उप कारागार में ट्रांसफार्मर किया गया है।
सिपाही ने कोतवाली में फोन कर बदमाशों के धावा बोलने की सूचना दी थी। जिस पर पीएसी बल लेकर उप कारागार पहुंचा गया लेकिन वहां ऐसा कुछ भी नहीं मिला।