सहारनपुर में हिमांशु हत्याकांड में तीन दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई खास क्लू नहीं लगा है। ऐसे में पुलिस अब लूट और हत्या के साथ रंजिश के पहलू की पड़ताल में जुट गई है।
हालांकि अब तक कोई पुख्ता प्रमाण हाथ नहीं लगे हैं, मगर पुरानी रंजिश के कुछ मामले पुलिस ने शक के आधार पर पड़ताल में शामिल किए हैं। इसके अलावा कलेक्ट्रेट चौराहे से हिमांशु के घर तक लगे करीब एक दर्जन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस हत्यारों की शिनाख्त में जुटी है।
उधर, व्यापारिक संगठनों ने पुलिस के खिलाफ हुंकार भरते हुए तीन दिन की समय सीमा पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी दे डाली है। शहर के प्रमुख मोबाइल कारोबारी हिमांशु अरोड़ा को हथियारों से लैस बदमाशों ने दुकान से लौटते हुए घर के बाहर ही गोली मार दी थी।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पहला शक यह जताया जा रहा है कि हिमांशु ने लुटेरों को पहचान लिया था। इस पर उसे गोली मारी गई। पुलिस अब यह भी मान रही है कि इस मामले में पुराने झगड़े और कुछ अन्य विवादों को भी पड़ताल में शामिल किया गया है।
हालांकि पुलिस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने इस हत्याकांड में अब तक कोई सुराग नहीं है। बदमाशों तक पहुंचने के लिए एसएसपी ने पांच टीमों को लगाया है। इसके अलावा इस हत्याकांड से जुड़ा सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
आपको बता दें कि बृहस्पतिवार रात गिफ्ट ओ शॉपी के मालिक हिमांशु अरोड़ा की चार बदमाशों ने लूट के बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में व्यापारिक संगठनों ने पुलिस को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था, जो रविवार था।
सांसद राघव लखनपाल शर्मा और नगर विधायक राजीव गुंबर के नेतृत्व में भाजपाइयों ने रविवार को एसएसपी से मिलकर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान अमित गगनेजा, शीतल विश्नोई, विमल विरमानी, दिनेश सेठी, सुरेंद्र मोहन चावला, राजकुमार मक्कड़, शैलेन्द्र भूषण आदि मौजूद रहे।