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सुरक्षा पर संजीदा नहीं बैंक अफसर

Wed, 31 Aug 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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बैंक में पिस्टल लेकर पहुंचा युवक। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में कार्पोरेेशन बैंक में पड़ी 18.75 लाख की डकैती और गार्ड की हत्या के बाद भी बैंक अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं। बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें बैंकों की सुरक्षा की पोल खुल गई।
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टीम के एक सदस्य के पास असली जैसी दिखने वाली खिलौना पिस्टल थी, जो कई बैंकों में पहुंचा, मगर बैंक की सुरक्षा में तैनात गार्ड यहां तक कि पुलिसकर्मियों तक ने रोकने और जांच करने की कोशिश भी नहीं की।

सोमवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दिल्ली रोड स्थित कार्पोरेशन बैंक में गार्ड की हत्या के बाद बदमाश 18.75 लाख रुपये लूट ले गए थे। घटना ने बैंकों की सुरक्षा के साथ ही पुलिसिंग पर भी बड़े सवाल खड़े हुए हैं।
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घटना के बाद एसएसपी मनोज तिवारी ने सभी थानेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में बैंकों के आसपास गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हैरत की बात यह है कि बैंकों में अपने स्तर से सुरक्षा संबंधी कोई इंतजाम नजर नहीं आए।

अमर उजाला की टीम सबसे पहले दोपहर सवा 12 बजे कोर्ट रोड स्थित इंडियन बैंक पहुंची। यहां गार्ड गन के साथ तैनात था, जबकि दो पुलिसकर्मी भी भीतर बैठे थे।

इस दौरान अमर उजाला के दो सदस्य बैंक के भीतर गए। इन्हींं में से एक के पास खिलौना पिस्टल थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों और गार्ड की नजर उन्हीं पर थी। दोनों ने काउंटर पर जाकर विड्रोल फॉर्म उठाया।

करीब दो मिनट तक बैंक के भीतर रहकर दोनों ने काउंटर पर ही खड़े होकर आपस में बात की। इसके बाद दोनों बिना कोई काम कराए बाहर निकल आए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और गार्ड ने हमसे पूछताछ नहीं की।

यहां बस अड्डा चौकी के दो पुलिसकर्मी पंखे की हवा का आनंद लेने में व्यस्त थे। इसके बाद टीम घंटाघर से चंद कदम दूर इलाहाबाद बैंक पहुंची। यहां भी गेट पर कोई चेकिंग या पूछताछ नहीं की गई।

यहां घंटाघर चौकी इंचार्ज सुदेश कुमार अपने दो अन्य साथियों के साथ तैनात थे, जो बैंक कर्मियों को कुछ इंस्ट्रक्शन दे रहे थे। यहां भी अमर उजाला सदस्य पिस्टल लगाए हुए अंदर गए और एक फॉर्म उठाकर भरने लगे।

मगर बिना कोई काम कराए करीब दो मिनट बाद बाहर निकल आए। मगर किसी ने यह तक नहीं पूछा कि कौन हो और क्यों आए थे? इसके बाद बराबर में ही बने यूको बैंक पहुंचे। यहां जब फोटोग्राफर ने फोटो खींचना शुरू किया तो मैनेजर ने रोकने की कोशिश की।
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