सहारनपुर के बेहट में सीओ इंदू सिद्वार्थ की अगुवाई में पुलिस टीम ने शनिवार को रवासौली गांव में छापा मारकर दवाओं का बडा जखीरा पकड़ा है। गांव का ही एक युवक बिना अनुमति के दवाइयों का स्टॉक रखकर क्षेत्र में झोलाछाप डाक्टरों को सप्लाई कर रहा था।
पुलिस की सूचना पर ड्रग्स विभाग की टीम कोतवाली पहुंची और दवाओं की जांच की। पकड़ी दवाओं की कीमत लगभग चार लाख रुपये बताई जा रही है।
शुक्रवार रात सीओ इंदू सिद्वार्थ को मुखबिर से सूचना मिली की कि गांव रवासौली में प्रतिबंधित, सैंपल वाली और अमान्य रूप से दवाओं का बड़ा स्टाक रखा जा रहा है।
गांव का एक युवक क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों को यहां से गांव-गांव जाकर दवाओं की सप्लाई कर रहा है। सीओ और कोतवाली इंस्पेक्टर वेदपाल गिरी ने भारी पुलिस बल के साथ रात में ही छापा मारा तो यह युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस ने उसके मकान के एक कमरे से भारी मात्रा में दवाएं बरामद कीं। इसे पुलिस ने सील करने के साथ ही निगरानी के लिए पुलिस तैनात कर दी थी। जानकारी मिली है कि कुछ प्रतिबंधित दवाएं भी बेची जा रही थीं।
शनिवार सुबह पुलिस की सूचना पर ड्रग इंस्पेक्टर अनामिका अंकुर जैन अपनी टीम के गांव रवासौली पहुंची और दवाइयों को कब्जे में लेकर कोतवाली पहुंची। घंटों जांच के बाद ड्रग्स इंस्पेक्टर ने पुलिस को तहरीर दी।
विभाग की अनुमति के बिना अमान्य तरीके से दवाओं का स्टॉक रखने, प्रतिबंधित दवाओं की स्थिति और झोलाछाप चिकित्सकों को दवाएं भेजने के मामलों की पूरी जांच की जा रही है। इंस्पेक्टर वेदपाल गिरी ने आरोपी परवेज निवासी गांव रवासौली को नामजद कर तहरीर दी है। इस पर एफआईआर दर्ज की जा रही है।
उधर, इस कार्रवाई के बाद झोलाछाप चिकित्सकों में भी खलबली मच गई। टीम की सूचना मिलते ही कई झोलाछाप चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकानों के शटर बंद किए आैर फरार हो गए।