थाना जनकपुरी क्षेत्र के खान आलमपुरा में रविवार रात जन्मदिन पार्टी के दौरान हुड़दंग मचाने का विरोध करने पर दो पक्षों के बीच फायरिंग और पथराव होने से अफरातफरी मच गई। एक परिवार और अन्य क्षेत्रवासियों ने हिस्ट्रीशीटर समेत अन्य लोगों पर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। इस घटना के विरोध में क्षेत्रवासियों ने काफी हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम का घेराव किया। बाद में हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
खान आलमपुरा की नई बस्ती में हिस्ट्रीशीटर वसीम के घर रविवार की देर रात जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। पड़ोस के अब्दुल गफ्फार का आरोप है कि वसीम और उसके घर आए पांच छह साथी शराब पीकर हुड़दंग मचा रहे थे। इसका विरोध करने पर वसीम और अन्य साथी धारदार हथियार लेकर आए। उनकी ओर से फायरिंग भी की गई।
घर पर जानलेवा हमला बोलकर पथराव और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इस हमले में अब्दुल गफ्फार सहित उसकी मां अख्तरी, पिता यूसुफ और बहन असमा को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
पड़ोस की वहीदन को भी चोटें आईं। इसी घटना को लेकर रविवार सुबह क्षेत्रवासियों ने काफी हंगामा किया। उनका आरोप था कि पुलिस हिस्ट्रीशीटर और अन्य बदमाशों पर कार्रवाई नहीं करती। इसीलिए मुहल्ले के लोगों को उनकी गुंडागर्दी का शिकार होना पड़ता है।
वसीम को पकड़ पुलिस के हवाले किया ः इस घटना से गुस्साए क्षेत्रवासियों ने ही आरोपी वसीम को पकड़कर पुलिस को सौंपा. जबकि अन्य दो साथी फारुख और राहिल को पुलिस ने पकड़ लिया। तीनों आरोपियों के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
दोनों पक्षों ने दी एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर ः अब्दुल गफ्फार की ओर से थाना जनकपुरी में वसीम को नामजद करते हुए आधा दर्जन के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जबकि दूसरे पक्ष ने भी हमला करने का आरोप लगाते हुए अब्दुल गफ्फार और उसके पक्ष के लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाना जनकपुरी मे तहरीर दी है। थाना प्रभारी का कहना है कि दूसरे पक्ष के आरोपों की जांच की जा रही है।
नाराज लोगों ने पुलिस टीम को घेरा
जनकपुरी थाने से पहुंची पुलिस टीम ने जब क्षेत्रवासियों को समझाते हुए आरोपियों को पकड़ने का भरोसा दिलाया तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। काफी मशक्कत के बाद लोग शांत हुए। कुछ लोगों ने पुलिस को फायरिंग और पथराव की जानकारी देते हुए 315 बोर के तमंचे के इस्तेमाल और कारतूस मिलने की बात बताई।
महिलाएं बोलीं, लोग न आते तो जान से मार देते
पुलिस के सामने घर में पड़े ईंट पत्थर और हमले के अन्य निशान दिखाते हुए कुछ महिलाओं ने कहा कि यदि क्षेत्र के अन्य लोग साथ में न आते तो घर में घुसकर ही उन्हें जान से मार दिया जाता।