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जिले में अवैध खनन होता रहा, प्रशासन सोता रहा

Wed, 29 Mar 2017 01:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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जिले में धड़ल्ले से अवैध खनन होता रहा। जिले के प्रशासनिक अधिकारी को पता ही नहीं चला। हलके के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी खनन के निकल रहे ट्रकों की जानकारी नहीं हो सकी। एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल किसी को भी अवैध खनन का पता नहीं चल सका। खनन अधिकारी के निलंबित होने से प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।      
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जिले में हो रहे अवैध खनन के मामले में शासन ने खनन अधिकारी अभय रंजन को निलंबित कर दिया है। तीन राज्यों की सीमा पर बसे सहारनपुर में अवैध खनन की शिकायत बंद नहीं हुई है। अवैैध खनन पर लगाम कसना प्रशासन और पुलिस के लिए हमेशा चुनौती बनी हुई। 

प्रशासन आमतौर पर अवैैध खनन के मामलों में चुप्पी साधे रखता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि खनन अधिकारी पर कार्रवाई हुई, मगर अवैध खनन वाले इलाके के एसडीएम और पुलिस महकमा भी इसके लिए बराबर का जिम्मेदार है तो इन पर कार्रवाई क्यों नहीं। जांच में सामने आया है कि जिले से अवैध खनन कर रेत के ट्रक भरकर जाते रहे।
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जबकि कार्रवाई के नाम पर 50 में से एक ट्रक को सील किया जाता रहा, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अवैध रूप से हो रहे खनन की जानकारी अभी तक किसी को नहीं हो पाई थी। हरियाणा से सटे क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अब तक हो रहे अवैध खनन का पता ही नहीं चल पाया। जबकि कोई किसान एक मुट्ठी भी अपने ही खेत से मिट्टी उठा ले तो नियम कानूूनों का लंबी चौड़ी लिस्ट बन जाती 

वहीं ट्रकों के आवागमन की जानकारी हलके के सिपाही, दारोगा से लेकर आला अफसरों तक किसी को नहीं हो पाई। लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार, एसडीएम एवं अन्य उच्चाधिकारी तक अवैध खनन के बारे में नहीं जान सके। ऐसे में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नीयत पर सवाल उठने लगा है। उधर, डीएम एस कमाल का कहना है कि हम इसकी जांच कर रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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